नई दिल्ली.उड़ीसा में ईसाइयों के खिलाफ जारी हिंसा से केंद्र पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का दबाव बढ़ गया है। गृह मंत्री शिवराज पाटील ने शनिवार को जहां इस मसले पर राज्यपाल एमसी भंडारी से रिपोर्ट मांगी है, वहीं प्रधानमंत्री ने इस मसले पर विचार के लिए 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक बुलाई है। बैठक में उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में सहमति बनाने की कोशिश की जा सकती है।
उधर, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने हिंसा प्रभावित कंधमाल में एक नन से कथित तौर पर बलात्कार की घटना की निंदा करते हुए उड़ीसा की नवीन पटनायक सरकार से मामले की जांच कराने और दोषियों को कड़ी सजा देने को कहा है।