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International International न्यूयॉर्क.
अब तक यह माना जाता रहा है कि संगीतकार सृजनात्मक होते हैं लेकिन एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि वे दूसरे लोगों से अलग इसलिए सोचते हैं क्योंकि वे अपने दिमाग के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं।
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि संगीतकार एक सृजनातमक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिसे ‘डायवर्जेट थिंकिंग’ यानी विभिन्न तरीके से सोचना कहा जाता है।
ऐसा करते हुए वे अपने ‘फ्रंटल कोरटैक्स’ (माथे के वल्कल) के दोनों हिस्सों बाएं और दाएं का अन्य की तुलना में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक चूंकि संगीतकार दिमाग के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं, जिस कारण वे कोई भी संगीत यंत्र आसानी से दोनों हाथों से बजा सकते हैं।