जम्मूश्रीनगर के लाल चौक पर सोमवार को अलगाववादियों के मार्च के आह्वान को देखते हुए पूरी कश्मीर घाटी में रविवार को एहतियात के बतौर अनिश्चित कालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक और हुर्रियत नेता शफी रंगरेज समेत कई अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो माह में यह तीसरा मौका है, जब पूरी कश्मीर घाटी में कफ्यरू लगाया गया है।
कश्मीर के सभी दस जिलों में रविवार तड़के से ही कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया। इस बीच कुछ स्थानों पर विरोध की छिटपुट घटनाएं हुई, लेकिन सुरक्षा बलों ने तत्काल स्थिति पर काबू कर लिया। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए हथियारबंद सुरक्षाबलों ने पूरे लालचौक को घेर लिया है। वहीं, पथराव की आशंका को देखते हुए कुछ असैन्य इलाकों में पुलिस के गश्ती दल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
अलगाववादी नेता गिरफ्तार :
पुलिस ने एहतियाती तौर पर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से कई अलगाववादी नेताओं को सोमवार आधी रात तक के लिए गिरफ्तार किया है। वहीं, हुर्रियत के नरमपंथी गुट के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुख सहित अब्दुल गनी बट, मौलाना अब्बास अंसारी, बिलाल गनी लोन व आगा सैयद को नजरबंद कर दिया गया है। रंगरेज को डोडा में गिरफ्तार किया गया।
यासीन मलिक को शनिवार देर शाम श्रीनगर के मैसमा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। वहीं, हुर्रियत के उग्रपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी को गिरफ्तारी के बाद पेट में दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भरती कराया गया है। एक निजी समाचार चैनल को शांति व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आम लोगों का ख्याल :
पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोडा ने बताया कि, प्रशासन यह कोशिश कर रहा है कि आम लोगों को इससे दिक्कत का सामना न करना पड़े। कफ्यरू के दौरान जगह-जगह पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिल सके। साथ ही आपातकालीन स्थिति में उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके।