कोलकाता.टाटा की नैनो परियोजना के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी अब अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सिंगूर के तृणमूल विधायक रवींद्रनाथ भट्टाचारजी टाटा के चले जाने से इतने नाराज हैं कि वे अपने कुछ समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ भी सकते हैं। भट्टाचारजी ने कहा, ‘हमने कभी सोचा नहीं था कि टाटा चले जाएंगे। यह बहुत बड़ा नुकसान है।’
उधर, कोलकाता में लोगों का मानना है कि नैनो प्लांट के सिंगूर से हटने के कारण राज्य व यहां के युवाओं को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। परियोजना को पश्चिम बंगाल से बाहर ले जाने के टाटा के फैसले से सिंगूर में ममता का आधार भी कमजोर पड़ने लगा है।
टाटा के खिलाफ आंदोलन तेज करने वाले उनके सिपहसालार भी लोगों के गुस्से से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं। ‘सेव सिंगूर फार्मलैंड कमेटी’ के संयोजक बेचाराम मन्ना का तो शुक्रवार रात से कुछ भी अता-पता नहीं है।
गौरतलब है कि नैनो प्लांट को फिर से खोले जाने की मांग को लेकर परियोजना के समर्थक किसानों ने शुक्रवार को दुर्गापुर एक्सप्रेस हाईवे को जाम कर दिया था। किसानों ने सिंगूर को जाने वाले रास्तों को खोदने का भी प्रयास किया था।
एक लड़ाई हारी है, युद्ध नहीं : बुद्धदेवपश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा है कि टाटा के फैसले से उन्होंने औद्योगीकरण को बढ़ावा देने की एक लड़ाई हारी है, पूरा युद्ध नहीं। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रतन टाटा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कंपनी राज्य से हमेशा के लिए नहीं गई है। वे भविष्य में एक बार फिर राज्य में निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि टाटा के हटने से पूरे देश में गलत संदेश गया है, विपक्ष को औद्योगीकरण का महत्व समझना चाहिए।