जयपुर.राज्य सरकार ने जोधपुर चामुंडा मंदिर दुखांतिका में मृतकों के परिजनों को आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की है। इसके तहत पूर्व में दी गई दो लाख की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा कई सुविधाएं भी देने की घोषणा की गई है।
शनिवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मृतक आश्रितों के लिए घोषित पैकेज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में कोरपस फंड बनाया गया है, जिसमें 20 करोड़ की राशि रखी गई है। इस पैकेज पर 16 करोड़ से अधिक खर्च होने का अंदाजा लगाया गया है। सरकार ने इस दुखांतिका में मृतकों की अंतिम संख्या 215 बताई है। संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
इसमें पहले घोषित दो लाख रुपए की राशि भी शामिल है। इसके अलावा केयर्न एनर्जी तथा केंद्र सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की गई है।
दस हजार रुपए शनिधाम, आलावास (सोजत) के शनिचरणानुरागी मदन राजस्थानी की ओर से, दस हजार रुपए स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, पांच हजार रुपए जोधपुर लघु उद्योग मंडल की ओर से, पांच हजार रुपए सीईटीपी तथा दस हजार रुपए नेशनल हैंडलूम कॉपरेरेशन की ओर से दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रति परिवार 7 लाख 40 हजार रुपए मिलेंगे।
विधवाओं और बच्चों को अनुग्रह राशि: राठौड़ ने बताया कि मृतकों की विधवाओं, जिनके पास स्वयं की आजीविका का कोई साधन नहीं है, को 1500 रुपए प्रतिमाह तथा 1500 रुपए प्रति बच्च प्रतिमाह देने का निर्णय लिया गया है। ऐसी 45 महिलाएं चिह्न्ति की गई हैं। इनमें से 41 को विधवा पेंशन प्रारंभ कर दी गई है। बीपीएल परिवार से संबंद्ध एक महिला को बीमा योजना के तहत 75 हजार रुपए की राशि अतिरिक्त प्रदान की जाएगी।
निराश्रित माता-पिता को अनुग्रह राशि: राठौड़ ने बताया कि ऐसे मृतक, जिनके परिवार में मृतक के अलावा कोई कमाने वाला नहीं था, उनके माता-पिता को 2000 रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि दी जाएगी। ऐसे लड़के, जिनके पिता दुखांतिका में चल बसे तथा मां भी नहीं हैं, उन्हें बालिग होने तक चार हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे।
इसमें प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत की इसमें वृद्धि भी होगी। ऐसी ही लड़कियों को चार हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। इनकी 2 लाख रुपए की एफडी भी करवाई जाएगी। मृतक के परिवार में कोई नि:शक्त होगा तो उसे दो लाख रुपए एक बार में दिए जाएंगे।
बच्चों की शिक्षा में सहायता: राठौड़ ने बताया कि पात्र परिवार के प्रत्येक बच्चे की स्कूल शिक्षा के लिए 12 हजार रुपए तथा उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। विशेष कोचिंग करने वाले ऐसे बालकों को पचास हजार रुपए या जो भी वास्तविक होगा, प्रति वर्ष प्रदान किया जाएगा। मृतक के आश्रितों में बालिका के विवाह में एक लाख रुपए का चैक और एक लाख रुपए की एफडी अलग से दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मृतक की विधवा को व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने पर एक लाख रुपए तथा विधवा न हो तो किसी अन्य सदस्य को पचास हजार रुपए दिए जाएंगे। विधवा को स्व रोजगार के लिए एक लाख रुपए या वास्तविक लागत, जो भी कम हो, प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह सभी सुविधाएं, उसी परिवार को प्रदान की जाएंगी जिनकी वार्षिक आय पांच लाख रुपए से कम हो। मृतकों के परिजनों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
मृतक संख्या 215 :
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव एस.एन. थानवी ने बताया कि दुखांतिका में कुल 215 लोग मारे गए हैं। इनमें से 187 जोधपुर जिले के, 23 लोग राज्य के अन्य क्षेत्रों से तथा पांच लोग राज्य के बाहर के हैं। इनमें से पश्चिम बंगाल के एक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपए की सहायता राशि दी जा चुकी है, जबकि गुजरात और हरियाणा के एक-एक तथा महाराष्ट्र के दो मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देना अभी शेष है।
इस घटना में कुल 65 लोग घायल हुए, जिनमें से तीन गंभीर हैं। इन्हें पचास-पचास हजार रुपए तथा शेष को दस-दस हजार रुपए दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जस्टिस जसराज चौपड़ा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच कमेटी जांच का काम शुरू कर रही है।
मंत्रिमंडलीय उपसमिति
ऐसे धार्मिक स्थल जहां प्रतिदिन एक हजार या उससे अधिक लोगों की आवक है तथा ऐसे मेले जहां पांच हजार या अधिक लोगों की उपस्थिति की संभावना है, वहां सुरक्षा, यातायात और आधारभूत सुविधाओं के लिए नीति बनाने के लिए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है। इसमें चिकित्सा मंत्री नरपतसिंह राजवी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेंद्र राठौड़ और पर्यटन राज्यमंत्री ऊषा पूनिया शामिल हैं। यह उपसमिति नीति निर्धारण के बारे में एक पखवाड़े में रिपोर्ट देगी। इसी क्रम में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्टैंडिंग कमेटी बनाई गई है, जिसमें प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग और प्रमुख सचिव पर्यटन शामिल हैं।
इसलिए हटाया कलेक्टर-एसपी को
संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के जवाब में राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि न्यायिक जांच प्रभावित नहीं हो, इसलिए जोधपुर के कलेक्टर और एसपी को हटाया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस दुखांतिका के लिए न तो कलेक्टर-एसपी को दोषी मानते हैं और न ही पूरी तरह से निर्दोष मानते हैं। जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच हो रही है, जांच के बिना किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना संभव नहीं है।