भोपाल. मेडिकल के क्षेत्र में राजधानी ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए दिल की बढ़ती धड़कन को नियंत्रित करने के लिए कार्डियक सिंथेसाइजेशन थैरेपी (सीआरटी) की शुरुआत कर दी है। अभी तक यह सुविधा देश के बड़े शहरों में ही मरीजों को उपलब्ध थी।
भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर में शनिवार को सफलता पूर्वक पांच मरीजों के आपरेशन किए गए। यहां के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. एस के त्रिवेदी ने बताया कि इस वर्कशाप में केयर अस्पताल हैदराबाद से आए इलेक्ट्रोफिजियोलाजी विशेषज्ञ डा. सी. नरसिम्हन और रामचंद्र मेडिकल कालेज के डा. टी आर मुरलीधरन ने हार्ट फैल्यर (हृदय का आवश्यक मात्रा में खून पंप न कर पाना) से ग्रसित पांच मरीजों की सर्जरी कर डिवाइस प्रत्यारोपित की।
जो किए एक राष्ट्रीय रिकार्ड है। भोपाल में यह प्रक्रिया शुरु होने से प्रदेश के मरीजों चिकित्सा की यह पद्धति यहीं उपलब्ध हो जाएगी। जो कि अपेक्षाकृत सस्ती भी है।