जयपुर.
शारदीय नवरात्र की तिथि छठ पर रविवार को आमेर में परंपरागत रूप से मेला लगा और शिलामाता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
लोगों ने दर्शन करने के लिए घंटों कतार में लगकर इंतजार किया। शनिवार आधी रात के बाद से ही दर्शनार्थियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। कई लोग नंगे पैर तो कई कनक दंडवत करते हुए मंदिर तक पहुंचे।
सूर्योदय के साथ ही मंदिर के पट खुले। तब तक पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर चुका था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए दर्शनार्थी ढोल-मंजीरों की धुन पर माता को भजनों की भेंट चढ़ाते हुए पहुंचे। आमेर के मुख्य बाजार में जगह-जगह माता के भजन गूंज रहे थे। श्रद्धालुओं का सैलाब दलाराम बाग से शिला माता मंदिर तक था। फूल, नारियल, चुनरी तथा प्रसादी की जमकर बिक्री हुई। चाट आदि की दुकानों पर भी काफी भीड़ देखी गई।
श्रद्धालुओं के लिए जल सेवा : शिलामाता जल सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को केवड़ा व गुलाब के सुगंधित जल का वितरण किया। दर्शनार्थियों के लिए अटूट भंडारा भी चलता रहा।
चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था : दलाराम बाग से ही सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। जलेब चौक में स्पेशल टास्क फोर्स के साथ पुलिस फोर्स तैनात थी। दर्शनार्थियों को डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर व हैंड हैंडल्ड मेटल डिटेक्टर से चैकिंग के बाद मंदिर में प्रवेश दिया गया।
निशा पूजा कल : अष्टमी पर मंगलवार को घर-घर में मां भगवती की पूजा होगी। इस दिन लोग नौ कन्याओं को भोजन कराकर उपहार व भेंट देंगे। शिलामाता मंदिर में रात 10 बजे निशा पूजा होगी। पुजारी नटवर झा ने बताया कि इसमें राजपरिवार के लोग परंपरागत रूप से देवी की पूजा करेंगे। इस अवसर पर आतिशबाजी होगी और गार्ड सलामी देंगे।