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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शासन ने डेढ़ साल पुराने कांकेर रोजगार गारंटी घोटाले की जांच आर्थिक ईओडब्लू से कराने का फैसला किया है।
कुछ दिन पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मामला सामान्य प्रशासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंप दिया था। वहां से इसे ईओडब्लू को जांच के लिए भेजा गया। इसके साथ ही इस घोटाले में आरोपियों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज कर जांच कराई जाएगी।
इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच के बाद शासन ने करीब 10 अफसर-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। सभी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। घोटाला उजागर होने के फौरन बाद कांकेर के तत्कालीन कलेक्टर जीएस धनंजय भी हटा दिए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि कांकेर जिला पंचायत एवं सभी जनपदों में किसानों की भूमि समतलीकरण के लिए पेस्टिसाइड के रूप में खाद, कीटनाशक व अन्य दवाओं की खरीदी की गई थी। इसमें पेस्टिसाइड खरीदी और मजदूरों के पेमेंट के नाम पर लगभग 10 करोड़ रुपए के गोलमाल का अंदेशा है।
कांकेर के रोजगार गारंटी घोटाले में शासन ने त्वरित कार्रवाई तो की थी, लेकिन सूत्रों की मानें तो पुलिस की जांच से बचने के रास्ते तलाशे जा रहे थे। संभवत: आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच ईओडब्लू को सौंपी गई। ताकि तर्क दिया जा सके कि शासन घोटालों की जांच कराने के लिए कृत संकल्पित है।