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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायपुर. प्रत्याशी चयन के मामले में दिल्ली से आ रही खबरों से यहां मुस्लिम समाज गुस्साया हुआ है। मुस्लिम एकता मंच ने साफ कह दिया है कि कांग्रेस दूरी बनाना चाहती है तो मुसलमान भी इसके लिए तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ में पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने करीब आधा दर्जन सीटों पर दावा किया है। खुज्जी से अब्दुल अजीम भोंदू, भिलाई से बदरुद्दीन कुरैशी, प्रेमनगर से अब्दुल रशीद, बिलासपुर से शेख गफ्फार और रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से हाजी नाजिमुद्दीन, पप्पू फरिश्ता, इकबाल अहमद रिजवी ने दावा किया है। दिल्ली से खबर आई कि जातीय समीकरण के कारण कांग्रेस मुस्लिम नेताओं को टिकट देने में संकोच कर रही है। सिटिंग एमएलए तथा लगातार दो चुनाव भारी वोटों से जीतने के कारण मोहम्मद अकबर का टिकट फाइनल माना जा रहा है।
मुस्लिम नेता टिकट के लिए एकजुट होते दिख रहे हैं। बैठकों का दौर चल पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले भिलाई में मुस्लिम नेताओं की बैठक हुई जिसमें रायपुर के भी कई लोग शामिल हुए। इस बैठक में पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार हुई।
बताया गया है कि यहां भी जल्द ही बैठक होगी। छत्तीसगढ़ मुस्लिम एकता मंच ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर खुला हमला बोला है। मंच के प्रतिनिधियों ने एक बयान जारी कर कहा कि मोतीलाल वोरा, अजीत जोगी और विद्याचरण शुक्ल को मुसलमानों की बदौलत ही मंजिल मिली है, इसलिए उन्हें सोच बदलनी चाहिए।
जोगी का स्पष्टीकरण
सांसद अजीत जोगी ने कहा कि कांग्रेस जाति की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। पार्टी मुस्लिम समाज के लोगों को जरुर टिकट देगी। अभी प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। श्री जोगी ने कहा कि कांग्रेस शासन में मोहम्मद अकबर व बदरूद्दीन कुरैशी को मंत्री बनाया। पिछले चुनाव में दो मुस्लिमों को टिकट दिया जिनमें मोहम्मद अकबर ही जीते। कांग्रेस ने एक मुस्लिम महिला मोहसिना किदवई को राज्यसभा का सदस्य बनाया।
बिलासपुर से शेख गफ्फार को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस विधायक दल के सचिव हमीद हयात हैं। मुसलमान इस बात को बखूबी जानते हैं कि उनका सच्च हितैषी कौन है। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना है भाजपा किसी धर्म की विरोधी नहीं है। श्री जोगी ने चुनौती दी कि कांग्रेस जितने मुस्लिम प्रत्याशी खड़े करेगी भाजपा उसका एक चौथाई टिकट देकर दिखाए।