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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
गरबा महोत्सव में रविवार को प्रतिभागियों व अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम मां दुर्गा की आराधना की गई। एक ओर मंच पर अतिथियों द्वारा आरती की जा रही थी तो दूसरी ओर गरबा रिंग में युवक-युवतियां हाथों में दीपक लिए हुए मां की स्तुति कर रहे थे।
मां की आरती के बाद डांडिया की प्रस्तुति हुई। अलग-अलग गुजराती व हिन्दी गीतों पर प्रतिभागियों ने उत्साह-उमंग के साथ नृत्य किया। एक ओर प्रतिभागी झूम रहे थे तो दूसरी ओर गायक कलाकार भी जोशीली प्रस्तुति दे रहे थे।
गरबा में समाई भक्ति
प्रतिभागियों द्वारा अगली प्रस्तुति गरबा की दी गई। आर्केस्ट्रा दल के कलाकारों द्वारा मां अंबे की भक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति गई, जिस पर युवक-युवतियों ने मनभावन प्रस्तुति दी। जैसे-जैसे स्टेप्स बदलते, प्रस्तुति और भी उत्साहजनक होने लगती। इस दौरान गोफ, चौकड़ी, हीच की प्रस्तुति भी दी गई।
रंग-बिरंगे परिधान करते हैं आकर्षित
गरबा महोत्सव में युवक-युवतियां तरह-तरह के आकर्षक व पारंपरिक परिधान पहने नजर आते हैं। ठेठ गुजराती परिधानों में सजे-धजे प्रतिभागियों को सैलानी भी एकटक देखते रह जाते हैं। इस दौड़ में बच्चे भी पीछे नहीं हैं। वह भी एक से बढ़कर एक आकर्षक परिधान पहनकर यहां पहुंच रहे हैं।
मधुर गीत करते हैं आनंदित
महोत्सव के दौरान सुनाई पड़ने वाला गीत-संगीत न केवल प्रतिभागियों को, बल्कि सैलानियों को भी आनंदित कर रहा है। इन गीतों की प्रस्तुति देने के लिए विशेष रूप से गुजरात के दल को आमंत्रित किया गया है। ‘तारा बिन श्याम’, ‘हे रंग लो..’, ‘नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम’, ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’ जैसे गीत सुनकर सबका मन प्रसन्न हो जाता है।
आडियंस रिंग भी है गुलजार
जहां एक ओर प्रतिभागी रिंग में गरबा-डांडिया खेलने का आनंद ले रहे हैं तो दूसरी ओर आडियंस रिंग भी गुलजार है। यह रिंग खासतौर पर सैलानियों के लिए तैयार की गई है, जो अपने अंदर नृत्य करने की इच्छा रखते हैं। इस रिंग में भी गरबा-डांडिया खेलने वालों की कमी नहीं है। उनके उत्साह में भी कमी नहीं है।