नई दिल्ली.
भारतीय वनडे क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजी चौकड़ी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण पर किसी और की उम्मीदों से ज्यादा खुद की अपेक्षाओं का भार है। धोनी ने कहा कि इसके चलते ये बल्लेबाज जब भी मैदान पर होते हैं, दबाव में होते हैं।
‘खेल रत्न’ धोनी ने कहा कि सचिन, द्रविड़, सौरव और लक्ष्मण में अब भी बहुत क्रिकेट बाकी है और ये सभी और एक-दो वर्षो तक क्रिकेट खेल सकते हैं। इन चारों के संन्यास पर चल रही बहस से बचते हुए धोनी ने कहा कि ये सभी सम्मानजनक विदाई के हकदार हैं, वह भी तब, जब वे चाहें।
एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में धोनी ने कहा कि भारत के पास कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं, जिनका टीम में शामिल होने का दावा मजबूत है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैदान पर प्रतिभा से ज्यादा यह महत्व रखता है कि कोई खिलाड़ी खुद को परिस्थितियों के अनुसार कैसे ढालता है।
ऑस्ट्रेलिया से आगामी सीरीज के बारे में धोनी ने कहा कि टीम इंडिया ने अच्छी तैयारी की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मेजबान खिलाड़ी रणनीति पर किस हद तक अमल कर पाते हैं।
धोनी ने माना कि भारतीय पिचों पर मेहमान टीम को मुश्किल होगी, लेकिन टीम इंडिया किसी भी तरह के पिच पर खेलने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पास अच्छे तेज गेंदबाज हैं और वह सिर्फ स्पिनरों पर आश्रित नहीं रहेगी।