मुंबई.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तरलता की समस्या से जूझते बाजारों को राहत देने के लिए बैंकों के साख जमा अनुपात (सीआरआर) में 0.50 फीसदी कटौती की है। इससे बाजार में करीब 20 हजार करोड़ रुपए आने की उम्मीद जागी है। शीर्ष बैंक के इस उपाय के बाद ब्याज दरों में नरमी की संभावना भी जताई जा रही है।
तुरंत कटौती की संभावना नहीं
ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एच रत्नाकर हेग्डे का कहना कि सीआरआर घटने से मध्यम अवधि में ब्याज दरों पर दबाव कम होगा। लेकिन, इनमें तुरंत किसी प्रकार की कटौती की संभावना नहीं है।
विश्व समुदाय के साथ
आगामी ११ अक्टूबर से ८.५ फीसदी सीआरआर लागू होगा। अभी तक यह नौ फीसदी था। रिजर्व बैंक ने सीआरआर घटाकर विश्वभर के केंद्रीय बैंकों द्वारा तरलता लाने के लिए किए जा रहे उपायों को बल प्रदान किया है।
जून 2003 के बाद पहली बार
रिजर्व बैंक पिछले कई वर्षों से बाजार में बढ़ती तरलता को रोकने का प्रयास कर रहा है। इस दौरान बैंकों के सीआरआर को कई मर्तबा बढ़ाया गया। यह जून 2003 के बाद पहला मौका है, जब इसमें कटौती की गई है। जून 2003 में सीआरआर करीब 0.50 फीसदी घटाया गया था।
जारी रहेगी समीक्षा
रिजर्व बैंक ने कहा है कि किए गए उपाय अस्थाई हैं और तरलता की स्थितियों की समीक्षा जारी रहेगी।
रिजर्व बैंक के उपाय
एसएलआर में कटौती : केंद्रीय बैंक ने १६ सितंबर को एसएलआर में एक फीसदी कटौती की थी। वर्तमान में एसएलआर की संशोधित २४ फीसदी दर लागू है। विश्वभर में उपाय
‘दुनियाभर के केंद्रीय बैंक तरलता बढ़ाने के उपाय कर रहे हैं। वे संयोजित रूप से कदम उठा रहे हैं। कुछ ने शेयर बाजारों में शार्ट सेलिंग पर रोक तक लगा दी है।’
-रिजर्व बैंक
बैंकों से दबाव हटेगा‘रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकिंग तंत्र पर तरलता का दबाव कम होगा और ब्याज दरों में नरमी आएगी। इससे कर्ज की मांग बढ़ेगी।’
-एच रत्नाकर हेग्डे, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स
मौद्रिक नीति का उद्देश्य
>> कीमतों में स्थिरता बनाए रखना
>> मुद्रास्फीति काबू में रखना
>> वित्त बाजारों में सही स्थितियां सुनिश्चित करना
>> देश के विकास के लिए अनुकूल स्थितियां पैदा करना
सीआरआर (2007-08)
28 अप्रैल 2007 --- 6.50 फीसदी
04 अगस्त 2007 -- 7.00 फीसदी
10 नवंबर 2007 --- 7.50 फीसदी
26 अप्रैल 2008 --- 7.75 फीसदी
10 मई 2008 ----- 8.00 फीसदी
24 मई 2008 ----- 8.25 फीसदी
05 जुलाई 2008 ---- 8.50 फीसदी
19 जुलाई 2008 ---- 8.75 फीसदी
29 जुलाई 2008 ---- 9.00 फीसदी
06 अक्टूबर 2008 --- 8.50 फीसदी