भोपाल. सोमवार को यातायात पुलिस की अदूरदर्शिता का खामियाजा एक बार फिर जनता को भुगतना पड़ा। समाजवादी जन परिषद की मुख्यमंत्री निवास तक गई रैली के उचित प्रबंधन के अभाव में यह स्थिति बनी।
यह रैली दोपहर एक बजे यादगारे शाहजहांनी पार्क से मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना हुई। हालांकि इसमें बमुश्किल 75 लोग शामिल थे, लेकिन वे जहां से गुजरे वहां सड़क घेरते गए। स्थिति उस समय और भी बिगड़ गई जब रैली कमला पार्क के पास पहुंची।
जहां सड़क के किनारे पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वहीं डंपर सहित ठेकेदार के वाहन भी सड़क पर खड़े थे। इनके बगल से रैली निकली तो एक तरफ से वाहनों के आने का सिलसिला बिगड़ने लगा, साथ ही उनके पीछे यातायात का दबाव बढ़ता गया और बमुश्किल पांच मिनट में हालत यह हुई कि वीआईपी रोड के गौहर महल वाले छोर से भी शहर के अंदर आना मुश्किल हो गया। इसके साथ ही मोती मस्जिद से बुधवारा, सोमवारा और छोटे तालाब की ओर जाने वाले रास्तों पर भी यातायात ठप हो गया। यह सारी स्थिति एक घंटे से ज्यादा समय तक बनी रही।
इस समय तक नए और पुराने शहर के अनेक स्कूल छूट चुके थे, उनकी बस तथा वैन भी इस जाम में फंस गई। नए शहर में रहने वाले अनेक अभिभावकों ने भास्कर को बताया कि इस जाम के कारण पुराने क्षेत्र के स्कूल में पढ़ने वाले उनके बच्चे एक से डेढ़ घंटे की देरी से घर पहुंच सके।
फिर भी नहीं समझे-कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री निवास के समक्ष गुरुजियों की रैली के चलते भी इसी तरह यातायात ठप हुआ था। इसके बावजूद यातायात पुलिस ने आज के आयोजन को लेकर एहतियात बरतने की कोशिश नहीं की। एएसपी ट्रेफिक महेंद्र सिंह सिकरवार का तर्क है कि सोमवार को कमला पार्क पर चल रहे निर्माण के कारण यह अव्यवस्था उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए आगे से किसी रैली के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।