इंदौर. तीन ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की रायशुमारी पूरी होने के साथ ही इंदौर जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा के टिकट के दावेदारों का भाग्य लिफाफों में बंद हो गया। इस आधार पर उम्मीदवारों का चयन 9 अक्टूबर के बाद होने की संभावना है।
निशा और राजेश सोनकर को सबसे ज्यादा तरजीह
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा और जल संसाधन मंत्री अनूप मिश्रा की मौजूदगी में सुबह 11 बजे शुरू हुई सांवेर विधानसभा क्षेत्र की रायशुमारी में पहले दोनों नेताओं व आमंत्रितों के बीच खुला संवाद हुआ और बाद में बात लिखा-पढ़ी तक पहुंची।
श्री पटवा ने संगठन का पक्ष रखते हुए कहा जो भी फैसला होगा, वह आपकी भावनाओं से अलग नहीं होगा। करीब दो घंटे चली रायशुमारी में उपस्थितों ने दिवंगत विधायक प्रकाश सोनकर की पत्नी निशा सोनकर, उनके खास रहे राजेश सोनकर, उपचुनाव में पराजित हुए संतोष मालवीय, लोकनिर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक सूरज कैरो, पूर्व पार्षद परसराम वर्मा, एल्डरमैन प्रताप राजौरिया व परमानंद गेहलोत के नाम आगे बढ़ाए। श्री सोनकर व श्री वर्मा ने रायशुमारी अपने पक्ष में करने के लिए जमकर लाबिंग की थी।
विरोध के बावजूद पटेल भारी दिखे
विरोधियों की तगड़ी लामबंदी के बावजूद विधायक मनोज पटेल ने रायशुमारी मे अपनी ताकत दिखाने मे कोई कसर बाकी नहीं रखी। देपालपुर क्षेत्र के दो कद्दावर नेताओं उमरावसिंह मौर्य व उमा नारायण पटेल के समर्थको ने न केवल रायशुमारी में ज्यादा से ज्यादा समर्थन हासिल करने की कोशिश की, बल्कि बाद में बंद कमरे में श्री पटवा से मिलकर विधायक के खिलाफ शिकायतों की झड़ी भी लगा दी। यहां से इन तीनों के अलावा अंतरसिंह मौर्य व पूर्व जिलाध्यक्ष गोपालसिंह चौधरी के नाम भी कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ाए। यहां विरोधियों की तैयारी इस स्तर की भी है कि श्री पटेल के अलावा किसी को भी उम्मीदवार बना दिया जाए।
सबसे ज्यादा घमासान इसी क्षेत्र से
सबसे ज्यादा घमासान इसी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवारी को लेकर रहा। संघ के दिग्गज राधेश्याम यादव, पार्टी की जिलाध्यक्ष डॉ. रीता उपमन्यु, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष कंचनसिंह चौहान, इस क्षेत्र से लंबे समय तक विधायक रहे भेरूलाल पाटीदार की बेटी कविता पाटीदार और रामकिशोर शुक्ला ने इस क्षेत्र से दावेदारी की है। यहां ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहा नहीं जा सकता लेकिन श्री यादव, डॉ. उपमन्यु तथा श्री चौहान ने बाजी अपने पक्ष में करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। इन तीनों के समर्थकों ने अपने नेताओं के पक्ष में जमकर लॉबिंग की। सुश्री पाटीदार तथा श्री शुक्ला भी अपने दावेदारी को लेकर काफी आश्वस्त नजर आए।
..तो विधायक को दौड़कर रुकवाना पड़ी
संगठन की सख्ती का असर सोमवार को उस समय देखने को मिला जब देपालपुर से आए श्री पटेल के समर्थकों ने रायशुमारी पूरी होने के बाद पार्टी कार्यालय के नीचे अचानक नारेबाजी शुरू कर दी। जब श्री पटेल को इसकी भनक लगी तो वे तीसरी मंजिल से दौड़ते हुए नीचे पहुंचे और समर्थकों को डपटकर नारेबाजी बंद करवाई।