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विजयी पारी खेलकर क्रिकेट को अलविदा कहूंगा : गांगुली

बेंगलोर.ganguli भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अंतत: ऑस्ट्रेलिया के साथ टेस्ट सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष के. श्रीकांत ने इसे उनका सही फैसला बताया है।

टेस्ट सीरीज के पहले मैच से कुछ घंटों पहले मंगलवार को नियमित प्रेस कांफ्रेंस में सौरव की इस घोषणा ने सबको चौंका दिया है। अपने घर में ‘महाराजा’ कहे जाने वाले सौरव ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, ‘यह मेरी आखिरी सीरीज होगी।

संन्यास की घोषणा करने से पहले मैंने इस संबंध में टीम के साथियों से भी बातचीत की थी और मुझे उम्मीद है कि मैं विजयी पारी खेलकरही क्रिकेट को अलविदा कहूंगा।’

परिवार को मिली धमकी :

प्रेस कांफ्रेंस में सौरव ने खुलासा किया कि उनके परिवार को बेटी साना के अपहरण की धमकी मिली है। हालांकि उन्होंने कहा, ‘धमकी मिलने की बात सही है। इस संबंध में हम यहां बातचीत न करें तो बेहतर होगा।’ गौरतलब है कि 3 नवंबर को सौरव की बेटी साना सात वर्ष की हो जाएगी। दो करोड़ की मांग : इस बीच, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि सौरव को बेटी के अपहरण की धमकी वाले दो पत्र मिले हैं, जिसमें उनसे 2 करोड़ रुपए की मांग की गई है।

संन्यास के पीछे की हकीकत :

कयास लगाए जा रहे हैं कि सौरव को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में इसी शर्त के साथ लिया गया है कि वे सीरीज के बाद अपने संन्यास की घोषणा कर देंगे। हालांकि खुद सौरव ने बोर्ड के साथ ऐसे किसी समझौते से इनकार किया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षो से खराब फॉर्म के कारण उन्हें टीम से अंदर-बाहर किया जाता रहा है। हाल में न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, जिसके चलते उन पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव और बढ़ गया था।

‘मैं सोचता हूं सौरव शानदार खिलाड़ी रहे हैं। कप्तान और खिलाड़ी के रूप में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की है।’

के. श्रीकांत, अध्यक्ष, बीसीसीआई चयन समिति

‘सौरव ने चयन समिति के साथ बातचीत की थी। चर्चा बहुत अच्छे माहौल में हुई थी। वे मन पर बिना किसी बोझ के आगामी सीरीज खेलना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है वे एक-दो शतक लगाकर विदा लेंगे। वे दुनिया के श्रेष्ठ कप्तानों में से एक रहे हैं और वे शानदार विदाई के हकदार हैं।

नरेंद्र हिरवानी, चयन समिति सदस्य व पूर्व स्पिनर।





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rajkumar singh
Tuesday, 7th Oct 2008, 20:46
dada ki cricket me dada giri hamesa yad rakhhi gayege. dada ko bhulana muskil hi nahi, namunkin hoga.