राहुल द्रविड़ ने एक बार कहा था, यहां पहले उनके लिए भगवान है और फिर गांगुली। आज सौरव गांगुली के संन्यास की घोषणा के बाद द्रविड़ के साथ सिर्फ भगवान ही रह जाएंगे। आइए नजर डालते हैं गांगुली के करिअर की शुरुआत से अंत तक।
>> 8 जुलाई 1973 को गांगुली ने कोलकाता के एक बड़े बिजनेसमैन चंडीदास के घर जन्म लिया। घर में महाराजा के नाम से मशहूर गांगुली को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली से मिली। सौरव वैसे तो राइट हैंडी थे लेकिन उन्हें लेफ्ट हैंड से खेलना पसंद था।
>> डेविड गोवर को आइडल मानने वाले गांगुली ने 1992 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट की शुरुआत की। अपने खराब व्यवहार के कारण इसके बाद उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद दिलीप ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 1996 के इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में चुना गया।
>> नवजोत सिंह सिद्धू के इंग्लैंड दौरा बीच में छोड़ जाने की वजह से गांगुली को पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला। उन्होंने मौके का फायदा उठाया और डेब्यू मैच में लॉर्डर्स में शतक लगाकर यह कारनामा करने वाले तीसरे क्रिकेटर बन गए। इसके बाद गांगुली ने ट्रेंट ब्रिज में हुए अगले मैच में भी शतक लगाया। >>1997 में सौरव गांगुली ने श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे करिअर का पहला शतक लगाया। इसी साल टोरंटो में पाकिस्तान के खिलाफ सहारा कप में वे चार बार मैन ऑफ द सीरीज चुने गए।
>>1998 में सौरव ने अपने करिअर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए पाक के खिलाफ इंडिपेंडेंस कप के फाइनल में 124 रन बनाकर टीम को खिताब जितवाया।
>>1999 के वल्र्डकप में दादा श्रीलंका के खिलाफ 158 गेंद में 183 रन बनाकर ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बन गए। वल्र्डकप में दादा और द्रविड़ ने 318 रन की पाटर्नशिप करके एक और इतिहास रचा। >>2000 में मैच फिक्सिंग स्कैंडल के बाद गांगुली ने भारत की कप्तानी संभाली और 2003 में उनके नेतृत्व में भारतीय टीम वल्र्डकप के फाइनल तक पहुंची।
>>2005 में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। लेकिन बावजूद इसके दादा टीम में आने के प्रयास में जुटे रहे।
>>2006 में गांगुली ने टेस्ट टीम में वापसी की और उसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार 51 रन की पारी खेलकर जीत में अहम भूमिका निभाई।
>> टेस्ट में कामयाबी के बाद गांगुली को वनडे में भी वापसी का मौका मिला। लगभग दो साल बाद वनडे खेलने उतरे गांगुली ने न केवल श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि वे श्रीलंका के खिलाफ मैन ऑफ द सीरीज भी चुने गए।
>>2006 की शुरुआत में टीम इंडिया के कोच ग्रेग चैपल से गांगुली का विवाद हुआ ग्रेग ने गांगुली पर कई गंभीर आरोप लगाए। गांगुली को टीम से बाहरहोना पड़ा।
>>12 दिसबंर 2007 में गांगुली ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला दोहरा शतक लगाया।
>> 2008 में उन्होंने आईपीएल में शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का जिम्मा संभाला। 2007 में उन्होंने टेस्ट मैच में लगभग 62 की औसत से 1106 रन बनाए। इसी साल वनडे में उन्होंने लगभग 45 की एवरेज से 1240 रन बनाए।
>> 7 अक्टूबर 2008 को गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की।