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ताजा रिकॉर्ड भी हुए खराब

भोपाल. राजधानी के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल में रिकॉर्ड रखने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। साथ ही यहां रिकॉर्ड को ठिकाने लगाए जाने की चर्चा है क्योंकि पुराना रिकार्ड तो छोड़े चालू वर्ष 2008 के रिकार्ड ही बरसात की भेंट चढ़ गए हैं, जिन्हें छांटने की प्रक्रिया की जा रही है।

मंगलवार को हमीदिया अस्पताल में मेडिकल ओपीडी के एक कक्ष में रखे रिकॉर्ड की कर्मचारियों द्वारा छंटनी की गई। इस रिकार्ड में सबसे अधिक संख्या उन पर्चियों की है जो स्वशासी समिति और हमीदिया अस्पताल के नाम से उस समय काटी जाती हैं जब मरीज की रक्त, पेशाब या किसी अन्य तरह की जांच के लिए रुपए जमा किए जाते हैं। यह रुपए रोगी कल्याण समिति में जमा किए जाते हैं।

चल रही है जांच
हाल ही में रोगी कल्याण समिति के रुपयों को लेकर एक मामले की जांच की जा रही है। विभागीय जांच के दौरान रिकॉर्ड को वहां से क्यों हटाया जा रहा है? या इसी साल का रिकॉर्ड पानी में कैसे खराब हो गया इस बारे में अस्पताल प्रबंधन कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। जबकि विभागीय सूत्रों ने बताया कि जांच मामलों को दबाने के लिए ही रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। यह काम यहां पहले भी हो चुका है।

ओपीडी का कमरा बना रिकॉर्ड रूम
कक्ष में बैठे डॉक्टर के मुताबिक यह तो मरीजों को चेक करने के लिए स्थान है। लेकिन जगह की कमी के कारण यहां रिकार्ड की छंटनी की जा रही है। वहीं अस्पताल के अधीक्षक द्वारा रिकॉर्ड को शिफ्ट करने की बात कही गई।

इनका कहना है

रिकॉर्ड तो संभाल कर ही रखा जाता है। अभी अस्पताल में रखा है इसलिए यह जानकारी अधीक्षक ही दे पाएंगे कि रिकार्ड के साथ क्या किया जा रहा है।
- डॉ. निर्भय श्रीवास्तव, डीन, हमीदिया कॉलेज

अभी तक जहां रिकॉर्ड रखा जा रहा था वह रूम बाहर था, जिसे तत्काल खाली कराया जा रहा है। दूसरे कमरे में रिकॉर्ड को ले जाने की प्रक्रिया के पहले उसकी छंटनी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज से संबधित रिकॉर्ड वहीं भेज दिया जाता है।
-डॉ. डीके वर्मा, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल





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