भोपाल. राजस्व मंत्री कमल पटेल के पुत्र सुदीप पटेल और अन्य के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले की जांच सीआईडी ने शुरू कर दी है। सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने मंगलवार को इस प्रकरण की केस डायरी का अध्ययन किया। हालांकि अभी इस प्रकरण की विवेचना के लिए विवेचक नियुक्त नहीं किया गया है।
सात महीने से लापता हरदा निवासी दुर्गेश जाट के मामले में हरदा पुलिस ने दो दिन पहले ही हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें मंत्री पुत्र सुदीप, राजेंद्र पटेल, अरुण जाट, दीपक तारण, मनोज कुशवाह, अमित पटेल और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
इसमें हत्या, साक्ष्य छिपाने और साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ करने के मामले की केस डायरी सोमवार को पुलिस मुख्यालय भेजी गई थी। अधिकारियों ने इसके बाद मामले में विवेचक की नियुक्ति की कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या हो सकते हैं जांच के बिंदु :
- अगर लापता दुर्गेश जाट की हत्या हो गई है तो उसकी लाश का पता लगाना
- हत्या की स्थिति में घटना में प्रयुक्त हथियार को जप्त करना
- हत्या के बाद जहां लाश को नष्ट किया गया, उसका पता चलने पर वहां वैज्ञानिक जांच से साक्ष्य जुटाना
- उस व्यक्ति का पता लगाना जिसके साथ दुर्गेश अंतिम बार देखा गया
- लापता होने के पहले दुर्गेश के घर से जाने से लेकर अंतिम बार देखे जाने तक की समयावधि के बीच के साक्ष्यों को एकसूत्र में पिरोकर घटनाक्रम का पता लगाना।
- सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा द्वारा केस डायरी का अध्ययन
- विवेचक की नियुक्ति होना शेष