जयपुर.
गुलाबी नगर के वैष्णव जनों के घरों में दुर्गा अष्टमी पर मंगलवार को शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा और कुलदेवी की पूजा की गई। लोगों ने कन्याओं को जिमाया, सुख-समृद्धि की कामना की, माता की ज्योत देखी। इसके बाद चावल, मखाने, श्रीफल और प्रसाद चढ़ाया। कुछ लोग नवमी पर मां दुर्गा की पूजा करेंगे और कन्या-बटुकों को भोजन कराएंगे।
आमेर के शिलामाता मंदिर में मंगलवार को लोगों ने माताजी के दर्शन किए। नारियल, फल, लाल चुनरी और प्रसाद चढ़ाया। कई श्रद्धालु कनक दंडवत करते माता के दरबार में पहुंचे। अन्य वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष शिलामाता मंदिर में भक्तों की कमी रही। कुछ भक्तों ने इसका कारण दर्शनार्थियों में भय तो कुछ ने बसों की अव्यवस्था को बताया।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम : शिलामाता मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम थे। रविवार को हुई घटना के मद्देनजर मंदिर में आरएसी के जवान और पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, वहीं मैटल डिटेक्टर के माध्यम से दर्शनार्थियों की जांच की जा रही थी।
शतचंडी के पाठ हुए : आमेर रोड पर मनसा माता मंदिर में महंत महेश भट्टाचार्य के सान्निध्य शतचंडी पाठ हुए। इस अवसर पर भक्तों को तिलक लगाया गया व रक्षासूत्र बांधे गए। दुर्गापुरा के दुर्गामाता मंदिर में माता का विशेष श्रंगार किया गया। वैष्णो देवी की आकर्षक झांकी वैष्णोदेवी सेवा समिति की ओर से पंचवटी सर्किल राजापार्क के वैष्णोदेवी मंदिर में वैष्णोदेवी व वीर हनुमान की आकर्षक झांकियां सजाई र्गई। बड़ी चौपड़ के लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में महंत पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में डांडिया उत्सव हुआ।
बगलामुखी माता के सजी मनमोहक झांकी : मालवीय नगर सेक्टर तीन के बगलामुखी माता मंदिर में माता की भव्य झांकी सजाई गई। मंदिर पुजारी सी.एल.मिश्रा ने बताया कि नवमी पर भी मंदिर में विभिन्न अनुष्ठान किए जाएंगे।
विभिन्न प्रतियोगिताएं : दुर्गा वेलफेयर सोसायटी की ओर से दुर्गा उत्सव के तहत माता को पुष्पों की झांकी सजाई गई। मध्यरात्रि में विशेष पूजा-अर्चना की गई, साथ ही कई प्रतियोगिताएं हरुई तथा शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
पूर्व राजपरिवार के गार्डे ने दी सलामी
अष्टमी पर शिलामाता मंदिर में पूर्व राजपरिवार के सदस्यों ने मंदिर के गर्भगृह में निशा पूजा किया। उन्होंने परंपरागत रूप से देवी की पूजा की। इस दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी की गई और गार्डे ने सलामी दी।
सजीव झांकियों ने मोहा
प्रजापिता ब्रम्हकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से वैशाली नगर के आम्रपाली सर्किल स्थित संस्थान में माता की सजीव झांकियां सजाई र्गई। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति की ओर से निर्माण नगर के केशव बस्ती में दुर्गाष्टमी मनाई।
देर रात तक माता को रिझाया
मिनर्वा टॉकिज के पीछे स्थित काली माता के मंदिर में मंगलवार को नवरात्र महोत्सव के तहत अष्टमी का हवन किया गया। महंत कलाप्रसाद शर्मा ने बताया कि हवन में सैकड़ों लोगों ने आहुतियां दीं, साथ ही दुर्गाशप्तशती व रामचरित मानस का पाठों का विश्राम हुआ। भवानी मंडल गुजराती समाज की ओर से देर रात तक श्रद्धालुओं ने गरबा में माता को रिझाया।
पेठे की बलि दी
बनीपार्क स्थित दुर्गाबाड़ी में मंगलवार को मां दुर्गा का पूजन किया गया। इस अवसर पर ‘मोचक नाटकम का मंचन हुआ। इसके बाद माता के समक्ष पेठे की बलि दी गई। मानसरोवर स्वर्णपथ के सेक्टर 42 के मातेश्वर महादेव मंदिर में गरबा की धूम रही। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने गरबा का आनंद उठाया।
वैदिक मंत्रों से पूर्णाहुति: आदर्श नगर में माता का विशेष दरबार सजाया गया। आयोजक अनिल ने बताया कि 11 पंडितों ने करीब तीन घंटे चले हवन यज्ञ में पूर्णाहुति दी। बुधवार को बटुकों और कन्याओं को जिमाया जाएगा। बुधवार को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के बीच नवरात्र महोत्सव संपन्न होगा।
सजा अलौकिक दरबार
गलता रोड सूरज पोल दर्जियों का रास्ता के रुद्रघंटेश्वरी महाकालिका मंदिर में पूजन किया गया। माता का अलौकिक श्रंगार किया गया और विशेष पूजा-अर्चना हुई। भगवान शिव के नाम से विभूषित एक सौ आठ रुद्र घंटिका और रुद्र छत्रिका का पूजन किया गया। गलता में पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य के सान्निध्य में सीतारामजी की विशेष पूजा-अर्चना के बाद नवाह्न् पारायण के पाठ हुए। गलता घाटी के अनगढ़ वीर हनुमान मंदिर टेकरी में महंत रामचरण दास के सान्निध्य में अखंड रामायण के पाठ हुए।
अंबामाता मंदिर में सजी फलों और फूलों की झांकी
उनियारें का रास्ता स्थित अंबा माता मंदिर में नवरात्र महोत्सव के तहत दुर्गाष्टमी को माता का भव्य दरबार सजाया गया। फल व फूलों से सजे दरबार में विराजी मां अंबा के दर्शनार्थ दिनभर सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े। इस दौरान भजनों का कार्यक्रम भी चला और डांडिया रास भी खेला गया।