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International International इस्लामाबाद.राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंगलवार को जुल्फिकार अली नामक व्यक्ति की फांसी की सजा पर रोक लगा दी। इसके बाद पाक के एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने देश में सभी लोगों की फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील करने की मांग की है। जरदारी के फैसले से बम विस्फोट के मामले में पाक जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के मामले में नई उम्मीद जागी है।
बेटियों ने की थी अपील :
जुल्फिकार (38) की बेटियों नूर फातिमा और फिजा ने सोमवार को अपने पिता की फांसी रोकने की भावुक अपील जरदारी की बेटियों बख्तावर और आसिफा से की थी। पाकिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार संगठन ‘अंसार बर्नी ट्रस्ट’ ने जुल्फिकार की फांसी रोकने का स्वागत किया है।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष फहद बर्नी ने सरबजीत और कृपाल सहित सभी की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने का आग्रह किया है। पाक में बम विस्फोटों के मद्देनजर इस बार ईद के पर्व पर सुरक्षा अहम मुद्दा बनी रही। लोगों ने खुद को घर तक ही सीमित रखकर ईद की खुशियां बांटीं। वेबसाइट ‘स्टॉप डाट पीके’ ने अपने सदस्यों के साथ ईद के टॉप-10 तोहफे के आइडिया शेयर किए थे।
इसमें बम सेफ्टी कास्टयूम/किट को पहले स्थान पर रखा गया था। अन्य विकल्पों में पाकिस्तानी रुपए के भारी अवमूल्यन के चलते ‘ईदी’ के रूप में डॉलर को तरजीह दी गई थी। सरप्राइज गिफ्ट पैक के रूप में वेबसाइट ने ‘दुआ’ को स्थान दिया था।