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टूटेंगे आठ सौ मकान?

जयपुर. राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय योजना पृथ्वीराज नगर में आठ सौ से ज्यादा मकानों पर तोड़फोड़ की तलवार लटक गई है। गूगल अर्थ से लिए गए मानचित्र के आधार पर जेडीए ने सुविधा क्षेत्र अथवा सेक्टर रोड के बीच में आ रहे इन मकानों-दुकानों में तोड़फोड़ होने का अनुमान लगाया है। जेडीए को 15 अक्टूबर को राजस्थान हाई कोर्ट में पृथ्वीराज नगर योजना के बारे में जवाब पेश करना है।

स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्यमंत्री सुरेंद्र गोयल के निवास पर मंगलवार को हुई बैठक में जेडीए अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बैठक में बताया कि पृथ्वीराज नगर योजना की जमीन को अवाप्तशुदा मानकर नियमन करने को सरकार पहले ही अपनी मंजूरी दे चुकी है। यहां तक कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जारी की गई अवाप्ति से मुक्ति की अधिसूचना भी वापस ली जा चुकी है। साथ ही नियमन की दरें भी सरकार तय कर चुकी है। अब हाई कोर्ट की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि यह मामला काफी समय से राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने पूर्व में योजना में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश देते हुए जेडीए को इस बात के लिए पाबंद किया था कि क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं होने चाहिए। इसके बावजूद इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण हो गए थे। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने जेडीए से उन अफसरों की सूची मांगी थी जिनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद अवैध निर्माण हुए। साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी पूछा था कि सुविधा क्षेत्र अथवा सेक्टर रोड की वजह से कितने मकानों पर तोड़फोड़ हो सकती है। हाईकोर्ट में जवाब देने के लिए जेडीए ने नक्शे आदि तैयार कर लिए हैं। कोर्ट के लिए तैयार हो रहा है जवाब
पृथ्वीराज नगर के संबंध में हाई कोर्ट में पेश किए जाने वाले जवाब के संबंध में मंगलवार को बैठक बुलाई गई थी। हाईकोर्ट की मंशा के अनुरूप यह पता लगाया जा रहा है कि सुविधा क्षेत्र में कहां-कहां कितने लोग बसे हुए हैं। उनका क्या किया जा सकता है। जरूरत पड़ी तो घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए भी समय मांगा जाएगा। अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार अफसरों के बारे में अभी कुछ तय नहीं हो पाया है।
- सुरेंद्र गोयल, राज्यमंत्री, स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास विभाग





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