जयपुर. सिविल लाइंस के सुखम गार्डन कोठी नंबर-7 में मंगलवार शाम को रिसीवर संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया। अब इस संपत्ति पर बिना अनुमति किसी प्रकार की गतिविधि नहीं की जा सकेगी।
बोर्ड लगाने से पूर्व ऑफिसर इंचार्ज ने सुखम गार्डन का जायजा लिया। उन्होंने रात के अंधेरे में तोड़े गए पीड़ितों के कमरों की मौके की रिपोर्ट तैयार की, जो जस्टिस यू.एन. बछावत को भेज दी गई है।
ऑफिसर इंचार्ज राजेश कर्नल मंगलवार शाम कई संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सुखम गार्डन पहुंचे और रिसीवर संपत्ति का बोर्ड लगवाया। इस दौरान कर्नल ने प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस संपत्ति पर बिना रिसीवर की अनुमति के किसी प्रकार की गतिविधि की गई तो कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटर कम रिसीवर यू.एन.बछावत के निर्देश मिलने के बाद ही उन्होंने बोर्ड लगाने की कार्रवाई की है।
सुखम गार्डन से बेदखल किए गए पीड़ित परिवार व उनके सहयोगी संगठन कई दिनों से कोठी नं. 7 पर रिसीवर संपत्ति का बोर्ड लगाने की मांग कर रहे थे। बोर्ड में आम लोगों को विधिक सूचना दी गई है कि कोठी नं. 7 जस्टिस यू.एन.बछावत की रिसीवर संपत्ति है, इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने से पूर्व ऑफिस इंचार्ज से संपर्क करने की हिदायत दी गई है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों ने 22 सितंबर की रात कोठी नं. 7 में 50 साल से रह रहे परिवारों को जबरन बेदखल कर दिया था। बाद में कई अफसर यह कहकर मुकरते रहे कि उनके आदेशों से कार्रवाई नहीं हुई, ऊपर के आदेशों से हुई है।
परिवारों को बेदखल करने के बाद रिसीवर ने नौ अधिकारियों को नोटिस देकर चेताया था कि बेदखल किए गए लोगों को तीन दिन में कब्जा नहीं दिया तो न्यायालय में अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने नोटिस को कोई तवज्जो नहीं दी। बाद में मंगलवार शाम खुद ऑफिसर इंचार्ज ने वहां रिसीवर संपत्ति का बोर्ड लगवाया। बाद में मौके पर पहुंचे पीड़ितों ने आफीसर इंचार्ज से पुन: बसाने की मांग की।
सुखम गार्डन स्थित कोठी नँ. 7 में रविवार रात दुबारा तोड़फोड़ के बाद मंगलवार दोपहर आफीसर इंचार्ज राजेश कर्नल ने कोठी नं. 7 में की गई तोड़फोड़ का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। कर्नल ने बताया कि सुखम गार्डन में की गई तोड़फोड़ की रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसमें रात में की गई तोड़फोड़ का ब्यौरा दिया गया है। बाद में जस्टिस बछावत को यह रिपोर्ट भेज दी गई। उन्होंने बताया कि जस्टिस बछावत के निर्देश मिलने के बाद सुखम गार्डन में आगे की कार्रवाई की जाएगी।