इंदौर. दिल्ली पब्लिक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकीभरे ई-मेल पलासिया क्षेत्र के विवेकानंदनगर के एक साइबर कैफे से किए गए थे। इसका खुलासा क्राइम ब्रांच ने मंगलवार शाम किया। साइबर कैफे के मालिक से मिली जानकारी के आधार पर पांच संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
स्कूल को भेजे गए धमकीभरे ई-मेल की जांच में एडीशनल एसपी महेशचंद जैन के साथ डीएसपी क्राइम राजेश व्यास की टीम जुटी। मंगलवार दोपहर तक पता लगाया कि ई-मेल विवेकानंदनगर के सरोज अपार्टमेंट स्थित साइबर कैफे से किए थे।
इसके मालिक दिलीप पिता प्रभुदयाल उपाध्याय निवासी वृंदावन गार्डन पीपल्याहाना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पांच संदिग्धों की जानकारी मिली। सभी से पूछताछ चल रही है। सूत्रों के मुताबिक इनमें दो सर्विस क्लास लोग, एक व्यापारी तथा दो छात्र हैं।
पल-पल ऐसे बढ़ी जांच
>> साइबर सेल प्रभारी डीएसपी व्यास ने एसआई अमित दीक्षित के साथ ई-मेल की तफ्तीश की तो पता चला उसका आईपी एड्रेस दबा दिया गया था। इससे साफ था ई-मेल करने वाला आरोपी शातिर दिमाग हैं।
>> ई-मेल याहू के एड्रेस से आया था तो याहू डॉट इंडिया के अधिकारियों से संपर्क किया गया। पता चला यह याहू डॉट कॉम से किया गया है। इसके बारे में जानकारी देना संभव नहीं है। श्री व्यास ने याहू डॉट कॉम के वाशिंगटन डीसी स्थित हेड ऑफिस से संपर्क कर जानकारी मांगी।
>> उन्होंने यूएसए सरकार की अनुमति के बिना जानकारी देने से इंकार कर दिया। श्री व्यास ने डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के साइबर क्राइम एवं इंटिलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स विभाग से संपर्क किया।
>> इसके बाद याहू डॉट कॉम ने इंदौर पुलिस के ई-मेल का जवाब देते हुए इमरजेंसी डिस्क्लोजर फॉर्म भरकर भेजने का कहा। इसमें सात पाइंट में जानकारी मांगी गई कि आईपी एड्रेस मांगे जाने की क्या वजह है और इतनी जल्दी क्यों है।
>> श्री व्यास ने रात 10.30 बजे तक इस फॉर्म भरकर ई-मेल किया। इस पर रात 12.30 बजे आईपी एड्रेस हासिल हुआ।
>> उसमें खुलासा हुआ एड्रेस एयरटेल कंपनी का था जिसे म.प्र. से ही भेजा गया था।
>> मंगलवार सुबह पुलिस को ई-मेल इंदौर के साइबर कैफे से किए जाने की जानकारी मिली। दो घंटे में पुलिस ने मालिक दिलीप को हिरासत में लिया।
साइबर कैफे में ही बनाई मुजाहिदीन की आईडी
साइबर कैफे के रिकॉर्ड्स से पता चला ई-मेल शनिवार को शाम 5.12 तथा 5.18 बजे भेजे गए थे। उससे पहले आरोपी ने मिस्टर मुजाहिदीन के नाम से ई-मेल आईडी साइबर कैफे में ही बैठकर शाम 4.58 बजे बनाई थी।
सात कैबिन में थे पांच लोग
पुलिस ने साइबर कैफे को सील करने के साथ पूरा रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। उससे पता चला जब ई-मेल भेजा गया था तब साइबर कैफे में पांच लोग मौजूद थे। वहां छह कैबिन सलंग तथा एक कैबिन अलग से बना है। उनमें से ही एक में आरोपी बैठा था।
फोटो आईडी के बिना सर्फ नहीं
एसपी आरके चौधरी ने बताया पुलिस ने पहले ही साइबर कैफे मालिकों को ग्राहकों के पूरे रिकॉर्ड मेंटेन करने के निर्देश दिए थे। नए आदेश के तहत साइबर कैफे मालिक अब ग्राहकों को फोटो आईडी दिखाने के बाद सर्फिग करने दें। लापरवाही पाई गई तो उस साइबर कैफे मालिक पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।