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दो दिनों में गए तीन करोड़!

बिलासपुर. वैश्विक वित्तीय संकट के असर से शेयर बाजार में आई मंदी के कारण पिछले दो दिनों में शहर के निवेशकों को करीब तीन करोड़़ का झटका लगा है।

जमीन पर गिरे शेयर बाजार के जख्मों ने शहर के उन निवेशकों को भारी तकलीफ दी है, जिनके गाढ़े पसीने की कमाई शेयर बाजार पर लगी है। बाजार में मंदी की गिरावट से उन शेयर ब्रोकरों के चेहरे भी सफेद पड़ गए, जिन्होंने खुद भी बाजार में निवेश कर रखा था।

बाजार के रुख से जानकारों का मानना है कि वर्तमान में बाजार की अनिश्चितता और मंदी के कारण वे निवेशक ही टिक पाएंगे जो करीब साल भर तक बाजार में निवेश करने का माद्दा रखते हैं जबकि दूसरी ओर दो-चार माह की पारी खेलने वाले निवेशकों को बाहर होना पड़ सकता है।

नुकसान और मंदी का असर- शहर में 32 शेयर ब्रोकर हैं, जिनके माध्यम से निवेशक शेयर बाजार में पूंजी लगाते हैं। शेयर ब्रोकर आशीष अग्रवाल बताते हैं कि मोटे तौर पर प्रत्येक शेयर ब्रोकर के पास न्यूनतम 100 निवेशक हैं।

दो दिन में शहर के करीब 3200 निवेशकों को तीन करोड़ का नुकसान शेयर बाजार में आई मंदी के कारण उठाना पड़ा है। शेयर ब्रोकर वीरेन्द्र अग्रवाल बताते हैं कि जिस हिसाब से शेयर बाजार को झटका लगा है उस हिसाब से निवेश करने वाले को कम संख्या में नुकसान हुआ। इसका कारण वे शेयर बेचने की बजाय अपने पास रखे हैं तथा शेयर बाजार संभलने पर वे अपना शेयर बेचेंगे। पिछले 6 माह में शेयर बाजार में आए उतार-चढ़ाव के कारण करीब 150 करोड़ का नुकसान निवेशकों को हो चुका है ।

इनमें अधिकांश निवेशक नुकसान ज्यादा होने की वजह से बाजार में निवेश करने की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। मंदी में पूंजी निवेश लाभकारी-शेयर बाजार में तेजी की बजाय मंदी में पूंजी निवेश करना अधिक लाभकारी होता है। जानकारों का मानना है कि ऐसे निवेशक जो कम से कम एक साल या उससे भी अधिक अवधि तक निवेश करते हैं और कम समय में शेयर बेचे जाने से बचते हैं, उन्हें बाजार संभलने पर इसका फायदा जरूर मिलता है।

आगे भी तेजी की उम्मीद कम- शेयर बाजार में मंदी का दौर कब तक जारी रहेगा, इस बारे में शेयर ब्रोकर या निवेशक कुछ कहने के लिए तैयार नहीं। शेयर कारोबार से जुड़े मनीश अग्रवाल के मुताबिक बाजार में अभी मंदी का दौर और जारी रहने की आशंका है।





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