अजमेर.
हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के पीर-ओ-मुर्शिद हजरत ख्वाजा उस्मान हारूनी के उर्स में कुल और ख्वाजा साहब की छठी की रस्म के दौरान मंगलवार को दरगाह में बदइंतजामी के कारण भगदड़ की स्थिति बन गई।
शर्की और छतरी गेट पर जायरीन के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ लोग गिर गए। अंजुमन पदाधिकारियों ने जायरीन की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और दरगाह नाजिम की इजाजत के बिना सोलहखंभा गेट खोल दिया।
नाजिम अहमद रजा पर भी दबाव डाल कर लंगर खाना गेट खुलवाया गया। उर्स और छठी के कारण दरगाह में सुबह से ही जायरीन की भारी भीड़ थी। अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ लाख जायरीन आए हुए थे। अहाता-ए-नूर में छठी की रस्म के दौरान परिसर भर जाने पर छतरी गेट और शर्की गेट पर जायरीन को रोक दिया गया।
दोनों गेट पर लंबी कतार लग गई। इधर छठी की रस्म होते ही जायरीन ने बाहर निकलना शुरू किया वहीं बाहर से जायरीन में अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। छतरी गेट पर तैनात आरएसी के जवान खुद को बचाने के लिए एक तरफ खड़े हो गए। जायरीन अंदर और बाहर निकलने के लिए मशक्कत करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शी अंजुमन शेखजादगान के संयुक्त सचिव एस. नसीम अहमद चिश्ती ने बताया कि गेट पर धक्का-मुक्की के कारण तीन-चार महिला जायरीन गिर र्गई। उन्हें खुद्दाम-ए-ख्वाजा ने संभाला। एकाध बुजुर्ग भी भीड़ के लपेटे में आए। खादिमों ने व्यवस्था संभाली। यही स्थिति निजामगेट पर भी रही। यहां सुरक्षाकर्मियों को डोरफ्रेम मैटल डिटेक्टरों को रस्सों से बांधना पड़ा। भीड़ के आगे आरएसी के जवान बेबस नजर आए। जायरीन बिना जांच परिसर में दाखिल हो गए। यहां भी जायरीन को अंदर और बाहर जाने में मशक्कत करनी पड़ी।
सोलहखंभा गेट खोला
स्थिति को देखते हुए दोनों अंजुमन पदाधिकारियों ने बिना प्रशासन और दरगाह कमेटी को सूचित किए सोलह खंभा गेट खोलने का निर्णय कर लिया। उन्होंने सचिव से सोलहखंभा की चाबी मंगवा ली।
अंजुमन सैयदजादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया चिश्ती की अगुवाई में सचिव सैयद महमूद-उल-हसन चिश्ती, नायब सदर सैयद इकबाल चिश्ती, सहसचिव सैयद हसन हाशमी, कार्यकारिणी सदस्य सैयद अबुतालिब, सैयद अकील अहमद और ट्रेजरार सैयद जलालुद्दीन व अंजुमन शेखजादगान के नायब सदर हाजी आरिफुद्दीन, सचिव एस. हफीजुर्रहमान और सहसचिव एस. नसीम अहमद चिश्ती की मौजूदगी में सोलहखंभा गेट खोल दिया गया।
अंजुमन पदाधिकारियों को घेरा
गेटों पर बिगड़ रहे हालात को देखते हुए खादिमों ने अंजुमन सैयदजादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया चिश्ती और सचिव सैयद महमूद-उल-हसन चिश्ती को घेर लिया और बंद गेटों को खोलने की मांग करने लगे।
नाजिम कार्यालय पहुंचे खादिम
कुछ नाराज खादिम सैयद शमीम चिश्ती की अगुवाई में नाजिम अहमद रजा के कार्यालय पहुंच गए। यहां सहायक नाजिम अब्दुल अलीम को वस्तुस्थिति बताई। उन्होंने लंगर खाना गेट खुलवाया।
अंजुमन ने लगाए सुरक्षागार्ड
सोलहखंभा गेट पर दोनों अंजुमन ने अपने सुरक्षा गार्ड नियुक्त कर दिए। बाद में चार पुलिसकर्मी भी जांच के लिए आ गए।
लंगरखाना गेट दोबारा खुलवाया
दरगाह नाजिम ने खादिमों के आग्रह के बाद लंगरखाना गेट खुलवा दिया था, लेकिन कुछ देर बाद उसे वापस बंद करवा दिया। इस बात की भनक खादिमों को लगने पर वे लंगरखाना गेट पहुंचे और दारोगा मोबीन की मौजूदगी में वापस इस गेट को खुलवा दिया।