अमृतसर क्रिकेटर हरभजन सिंह और मोना सिंह की ओर से रावण व सीता का वेष धारण कर आधुनिक गीत पर थिरकने को लेकर छिड़ा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। इस मामले पर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के नाराजगी जताने के बाद अब एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने भी आपत्ति जताई है।
बकौल मक्कड़, भज्जी सिख कहलाने के काबिल ही नहीं हैं। बेशक वह अमृतधारी नहीं हैं, लेकिन सिख परिवार से संबंधित भज्जी के ऐसा करने पर कौम की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
इससे पहले भी भज्जी ने केश बिखेरकर शराब कंपनी के लिए विज्ञापन किया था। ऐसी हरकतें सिखी स्वरुप वालों को शोभा नहीं देतीं। उन्होंने भी जत्थेदार गुरबचन सिंह का समर्थन करते हुए भज्जी को अविलंब माफी मांगने का निर्देश दिया है।
इसी बीच, पंजाब वैल्फेयर आर्गेनाइजेशन के प्रधान व धार्मिक नेता वरिंदर सहदेव ने 10 अक्तूबर को भज्जी और मोना का पुतला फूंकने की घोषणा कर दी है।