भोपाल. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने बुधवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल माधव दवे के नर्मदा समग्र शोध संस्थान को जमीन आवंटित करने के विरोध में कैबिनेट बैठक का बहिष्कार किया।
उन्होंने कहा, ‘यह अन्याय है।’ इस पर एक मंत्री ने कहा, ‘आपकी इस मामले में असहमति हो सकती है, लेकिन किसी संस्था को जमीन आवंटित करने को अन्याय मत कहो।’ सूत्रों के मुताबिक कार्यसूची में शामिल डेढ़ दर्जन मुद्दों में से दूसरे क्रम के नर्मदा समग्र शोध संस्थान को होशंगाबाद जिले में बांद्राभान के पास जमीन आवंटित करने के मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई।
इस मौके पर बताया गया कि 13 हैक्टेयर जमीन में से नौ हैक्टेयर जमीन के संबंध में इश्तहार में खसरा नंबर गलत छप गए थे, इसलिए उस पर विवाद की स्थिति बन गई है। लिहाजा, इस आधार पर श्री सिंह ने इस प्रस्ताव को स्थगित करने की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री का कहना था कि जितनी जमीन निर्विवाद है, उतनी आवंटित कर देते हैं, बाकी जमीन के बारे में फैसला बाद में लिया जाएगा। जब श्री सिंह की बात सीएम ने ठुकरा दी तो वे बैठक से उठकर चले गए। जाते समय उन्होंने दो दफे रुककर पीछे की ओर भी देखा, लेकिन किसी ने उन्हें रुकने को नहीं कहा।
वीपी सिंह के भाजपा छोड़ अन्य दल में जाने की संभावना
भाजपा सूत्रों के मुताबिक श्री सिंह का इस बार टिकट कटने की आशंका है, इसलिए वे अन्य दलों से संपर्क बढ़ा रहे हैं, ताकि उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिलता है तो वे दूसरे दल से टिकट हासिल कर लें।
बताया जाता है कि खुफिया जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री, श्री सिंह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के मूड में थे, लेकिन चुनावी वर्ष में पार्टी हाईकमान और प्रदेश प्रभारी एम.वेकैंया नायडू इस बात के लिए तैयार नहीं हुए। उनकी सोच है कि वे अपनी इच्छा से ही भाजपा छोड़कर जाएंगे तो उसका पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्री सिंह के नजदीकी सूत्रों के मुताबिक वे बसपा और सपा के संपर्क में हैं।