भोपाल. भाजपा सांसद वीरेंद्र कुमार पिटाई कांड की जांच कर रही आईजी रेलवे अरुणा मोहन राव ने अपनी रिपोर्ट में सांसद के गनमैन की अनुपस्थिति को मुख्य वजह बना दिया है। सांसद की पिटाई करने वाले आरपीएफ के स्टाफ की पहचान करते हुए जीआरपी से मामले की जल्द जांच करने की सिफारिश की है।
सूत्रों के मुताबिक श्रीमती राव ने बुधवार शाम घटना की जांच कर रिपोर्ट तैयार की और उसे अपर मुख्य सचिव गृह विनोद चौधरी को सौंप दी। श्री चौधरी ने रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए इसे एक पत्र के साथ तुरंत पुलिस महानिदेशक एसके राउत को भेज दिया है। सूत्र बताते हैं कि आईजी रेलवे ने घटना में सांसद की पिटाई के पीछे मुख्य कारण राज्य शासन द्वारा उन्हें उपलब्ध कराए गए गनमैन की लापरवाही बताया है।
श्री कुमार को शासन ने दो गनमैन दिए हैं मगर इनमें से एक भी सांसद के साथ हुई घटना के वक्त मौजूद नहीं था। श्रीमती राव ने जांच रिपोर्ट में आरपीएफ के उन जवानों के नाम भी शामिल किए हैं, जिनकी पहचान घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने की है।
रेल मंत्रालय की अलग से जांच
तीन अक्टूबर को बीना स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी मुहिम का विरोध करते समय सांसद श्री कुमार आरपीएफ के लाठीचार्ज में घायल हो गए थे। राज्य शासन ने आईजी रेलवे श्रीमती राव को घटना की जांच का जिम्मा सौंपा था और तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। इस घटना की जांच रेल मंत्रालय द्वारा अलग से कराई जा रही है। रेलवे की ओर से उपमहानिदेशक निर्मल घटनास्थल और घटना से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान लेकर यहां से दो दिन पहले लौट गए हैं। बताया जाता है कि श्री निर्मल रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीना में हुई सांसद वीरेंद्र कुमार की पिटाई को लेकर स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूछा है कि क्या रेलवे पुलिस को दुकानें तोड़ने का अधिकार है, अगर अधिकार है तो क्या स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अवगत कराया या नहीं और घटना के पूर्व से जब इस मामले में चले आ रहे तनाव की स्थिति होने पर स्थानीय प्रशासन ने क्या कदम उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों पर कार्रवाई को लेकर वे रेलमंत्री को अलग से पत्र लिख रहे हैं।