बेंगलूर.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग शतक(123) जड़कर भारतीय पिचों पर रनों का सूखा समाप्त करने में अंतत: कामयाब हुए।
पोंटिंग के शतक की मदद से पहले टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाने में कामयाब रहा। वहीं, मैच के अंतिम सत्र में दो विकेट झटकर गेंदबाजों ने मैच में भारत की वापसी कराई। पहले दिन का मैच समाप्त होने तक माइक हसी 46 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।
इससे पहले टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला उस समय गलत साबित होता लगा, जब पहले ही ओवर में तेज गेंदबाज जहीर खान की गेंद पर सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन खाता खोले बिना पैवेलियन लौट गए। हालांकि अगले विकेट के लिए भारतीय गेंदबाजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
हेडन के आउट होने के बाद उतरे कप्तान पोंटिंग सलामी बल्लेबाज कैटिच के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके से उबारने में सफल रहे। लंच तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 75 रन था। कैटिच और पोंटिंग के बीच दूसरे विकेट के लिए 166 रन की साझेदारी हुई। भारत के लिए खतरा बनती इस साझेदारी को ईशांत शर्मा ने कैटिच (66) को पैवेलियन लौटाकर तोड़ा।
कैटिच के आउट होने के बाद भारत ने मैच में वापसी की भरपूर कोशिश की पर कामयाबी नहीं मिली। इस बीच, पोंटिंग भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का मजबूती से सामना करते हुए अपना 36 वां शतक जमाने में सफल रहे। अंतिम सत्र में पोंटिंग और क्लार्क के विकेट लेकर गेंदबाजों ने मैच में भारत की वापसी कराई। भारत की ओर से जहीर खान ने 2 तथा ईशांत और हरभजन ने 1-1 विकेट लिए।
पहली बार बम निरोधक दस्ता!
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले मैच के दौरान दो हजार पुलिसकर्मियों व हैदराबाद से आए आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के अलावा एशिया में पहली बार किसी मैच में बम निरोधक दस्ता भी तैनात किया गया है।
चिन्नास्वामी स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा का यह आलम है कि यहां आने वाले सभी वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्टेडियम के सभी प्रवेश द्वारों पर लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है।
पोंटिंग आगे निकले
बेंगलूर टेस्ट के पहले दिन शतक लगाने वाले (123) ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग 24 रन बनाते ही लिटिल मास्टर सुनील गावसकर के 125 टेस्ट में बनाए 10,122 रन से आगे निकल गए। टेस्ट मैच में पोंटिंग की यह 200 वीं पारी थी।
भारत में पहला शतक
पोंटिंग का यह 36वां और भारत के खिलाफ 20 मैचों में छठवां शतक है। भारत में खेले नौ टेस्ट मैचों में पोंटिंग का यह पहला शतक है।
तीन शतक पीछे
टेस्ट शतक के मामले में अब पोंटिंग से आगे केवल भारत के मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर(39) ही हैं।
हेडन-बून की बराबरी
भारत के खिलाफ छठा शतक जड़कर पोंटिंग ने मैथ्यू हेडन और डेविड बून के रिकॉर्ड की बराबरी की। हेडन और बून ने भी भारत के खिलाफ छह-छह शतक लगाए हैं।
कप्तानी में शतक का रिकॉर्ड
कप्तान के तौर पर 16 वां टेस्ट शतक जड़कर पोंटिंग ने एक रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के ही एलन बॉर्डर और स्टीव वॉ (15-15)के नाम दर्ज था।
नौवीं बार भज्जी के शिकार
हरभजन ने 10 टेस्ट मैचों में 9वीं बार पोंटिंग का विकेट झटका। हरभजन टेस्ट मैचों में पोंटिंग का विकेट सबसे अधिक बार चटकाने वाले खिलाड़ी हैं।
रिकॉर्ड साझेदारी
दूसरे विकेट के लिए कैटिच और पोंटिंग के बीच हुई 166 रन की साझेदारी चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया की इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
इससे पहले, यह रिकॉर्ड
बॉर्डर और हिल्डिच (1979-80 में 78 रन ) के नाम था।
भारतीय टीम
अनिल कुंबले (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, ईशांत शर्मा
ऑस्ट्रेलिया टीम
रिकी पोंटिंग (कप्तान), मैथ्यू हेडन, ब्रॉड हैडिन (विकेटकीपर), साइमन कैटिच, माइक हसी, माइकल क्लार्क, शेन वाटसन, कैमरून व्हाइट,ब्रेट ली, मिशेल जानसन, स्टुअर्ट क्लार्क,
अंपायर
रुडी कर्टजन (दक्षिण अफ्रीका) और असद रउफ (पाकिस्तान)। थर्ड अंपायर : अमीश साहेबा (भारत)।
फोर्थ अंपायर : संजय हजारे
मैच रेफरी : क्रिस बॉड (इंग्लैंड)