कोलकता.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने एक बांग्ला समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में अपने मन की पीड़ा को खोलकर रख दिया है।
उन्होंने परोक्ष रुप से बीसीसीआई और पूर्व चयन कमेटी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे जानबूझकर बेईज्जत किया जा रहा था जो मेरे लिए बर्दाश्त के बाहर हो गया था और अंतत: मैंने सन्यास का फैसला ले लिया। सौरव इतने आहत थे कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि भारतीय क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है और शायद कुछ लोगों को उनका चेहरा तक पसंद नहीं था।
किसी की दया पर क्रिकेट नहीं
गांगुली ने साक्षात्कार के दौरान कहा है कि भारतीय क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। इस माहौल में क्रिकेट खेलने का कोई मतलब नहीं है। मैंने बहुत क्रिकेट खेला है और मैं किसी की दया पर क्रिकेट नहीं खेलना चाहता।
शायद उन्हें मेरा चेहरा पसंद नहीं
उन्होंने सवाल करते हुए कहा है कि मैं समझ नहीं पाया कि आखिर बार-बार मुझे ही क्यों परेशान किया जा रहा था मैं इस बात को समझ नहीं पाया। उन्होंने कहा कि शायद कुछ लोगों का मेरा चेहरा पसंद नहीं था।
तो राह कुछ आसान हो जाती..
सौरव गांगुली ने कहा कि बार-बार मुझे ही निशाना बनाया गया। भारतीय क्रिकेट टीम में ऐसे बहुत से खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछली तीन सीरीज में कोई विशेष प्रदर्शन नहीं किया है लेकिन हर बार मुझे ही निशाना बनाया गया। उन्होंने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा है कि इस बार की जो टीम चयन कमेटी है अगर वह ३ साल पहले आ गई होती तो शायद उनके लिए रास्ते कुछ आसान हो गए होते।