इंदौर. एक महीना होने आया साहब साढ़े चार लाख के माल में से एक धेला भी नहीं मिला.. पुलिस ने जो जेवरात बदमाशों से जब्त करना बताए वे सभी आर्टिफिशियल हैं.. उनकी तो हमने रिपोर्ट भी नहीं लिखाई थी.. मेरी बेटी व बहू के चार लाख के सोने के जेवरात गए हैं.. उनमें से एक भी गहना पुलिस को नहीं मिला.. ऐसा क्यों..? दिसंबर में बेटी की शादी करना है.. क्या करूं.. किसके सामने हाथ फैलाऊं..? पुलिस अफसर कहते हैं सारा माल भागे हुए बदमाशों के पास है.. उन्हें क्यों नहीं पकड़ा जा रहा.. पुलिस चाहे तो आतंकवादियों को भी पकड़ लाती है.. फिर क्या भागे लुटेरे आतंकवादी से भी बड़े हैं.. क्या पुलिस का काम तीन लुटेरे पकड़कर वाहवाही लूटने से पूरा हो गया..?
यह पीड़ा पीथमपुर की गिरनार कंपनी के डीजीएम रामदेव सिंह की है जिनके वैशाली नगर समृद्धि अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में 11 सितंबर को रिश्तेदार विकास पिता शशिभूषण सिंह ने डाका डलवाकर पचास हजार नकद व चार लाख के गहने लूट लिए थे। मामले में पुलिस ने विकास तथा उसके साथी सुरेश पिता लक्ष्मण यादव निवासी पीथमपुर व भारतीभूषण पिता बीडी सिंह निवासी सिवान बिहार को दस दिन में गिरफ्तार कर लिया।
मामले का खुलासा 21 सितंबर को करते हुए पुलिस ने बताया कि कुछ गहनें भी मिल गए हैं, बाकि का माल फरार लुटेरे नंदु उर्फ नन्हेसिंह व प्रभात उर्फ पप्पू निवासी छपरा (बिहार) के पास है। उधर, लूट के खुलासे का पता चलने पर श्री सिंह अन्नपूर्णा थाने पहुंचे तो ठगे से रह गए। पुलिस को जो जेवरात मिले थे, वे सभी आर्टिफिशियल थे। श्री सिंह के मुताबिक जेवरात उन्हीं की बेटियों के हैं पर इनकी तो रिपोर्ट भी नहीं लिखाई थी।
न रुपया मिला न गहनें
श्री सिंह ने असल माल व लूटे गए 50 हजार रुपयों के बारे में पूछा तो बताया रुपए तो बदमशों ने खर्च कर दिए थे। सोने के जेवरात फरार आरोपियों के पास हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए कुछ पुलिसकर्मी वहीं छोड़कर आए हैं। वे जल्द ही उनको पकड़कर ले आएंगे और माल मिल जाएगा पर इस बात को महीनाभर होने आया। न लुटेरे मिले और न ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में माल को लेकर कोई जानकारी पुलिस उगलवा पाई।
दो माह में कैसे होगा सबकुछ?
श्री सिंह की बड़ी बेटी की सगाई हो चुकी है और शादी 12 दिसंबर को है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। आरोपियों को गिरफ्तार करने से क्या पुलिस का कर्तव्य पूरा हो गया। उनके माल का क्या होगा? अगर लुटेरे जल्द ही नहीं पकड़े गए तो हो सकता है वे सारा माल लुटा दें, इस आशंका में श्री सिंह की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ गया है। वे टीआई से लेकर एडीशनल एसपी तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन सिवा आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा।
हम लगातार प्रयास कर रहे हैं
एडीशनल एसपी मनोजसिंह ने बताया श्री सिंह के माल की चिंता पुलिस को भी उतनी ही है। हम लगातार बिहार पुलिस के संपर्क में हैं। बदमाश शातिर होने से गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं।