bhaskar Web English
HomeNewsMetrosIndore Indore

कुछ सेकंड में ही चेक हो जाएंगे फॉर्म

इंदौर. अब एक्जाम फॉर्म भरने के लिए न तो लाइन में लगने की जरूरत पड़ेगी और न रोल नम्बर का इंतजार करना होगा। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने अपने उस महत्वपूर्ण हाइटेक प्लान को मंजूरी दे दी है, जिससे कि एक्जाम प्रोसेस में लगने वाला समय आधे से भी कम हो जाएगा।

इस प्लान के तहत अब एक्जाम फॉर्म मैनुअली चैक नहीं होंगे बल्कि इन्हें हाईस्पीड़ स्कैनर से चैक किया जाएगा। अब स्टूडेंट्स को रोल नम्बर एक्जाम के कुछ दिन पहले नहीं बल्कि कॉलेज में होने वाली प्रेक्टिकल एक्जाम के दौरान ही मिल जाएंगे। यूनिवर्सिटी की यह पहल इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्टूडें्टस को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना इसी प्रक्रिया के दौरान करना पड़ता है।

बस कुछ सेकंड लगेंगे
यूनिवर्सिटी करीब ५ लाख की लागत से आधुनिक सिस्टम डेवलप कर रही है। इसमें दो सॉफ्टवेयर के साथ ही कुछ उपकरण शामिल रहेंगे। एक्जाम फॉर्म चैकर सिस्टम भी के जरिये कुछ ही सेंकड में फॉर्म चैक कर लिए जाएंगे। खासियत यह रहेगी कि इसमें डिजिटल कोड का यूज किया जाएगा, जिसमें कि १२ डिजिट का रोल नंबर, हर कॉलेज की ३ डिजिट की पहचान और ३ डिजिट का सब्जेक्ट कोड होगा। इसके बाद रोल नम्बर देखने से ही स्टूडेंट की क्लास का पता भी लगाया जा सकेगा।

इसलिए लिया निर्णय
पहली बार लागू किए गए सेमेस्टर सिस्टम की वजह से यूनिवर्सिटी के लिए साल में दो बार एक्जाम कंडेक्ट करवाना बेहद मुश्किल हो गया था। समय की बचत के चलते डेवलप किया गया यह सिस्टम निश्चित ही कारगर साबित होगा। यूनिवर्सिटी पर सालभर में सेमेस्टर, नॉनसेमेस्टर, प्रोफेशनल और सेप्लीमेंट्री सहित करीब आधा दर्जन एक्जाम्स का भार है।

कम्प्यूटराइज्ड होंगे डाटा
इस पूरी योजना का काम बुधवार से शुरु हो चुका है। इसके लिए एक प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी जो पूरी कार्यप्रणाली को मेंटेन करेगा। फॉर्म चैकर लगने से एक्जाम फॉर्म की गलतियां भी रूकेगी और रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड होने से फाइलों की जरूरत नहीं होगी।

स्टूडेंट्स को होगा फायदा यूनिवर्सिटी जुलाई से ही इसके लिए प्रयासरत थी। सेमेस्टर सिस्टम से यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली तेज हो गई है, इसी के तहत हाइटेक योजना पर काम शुरु किया गया है। अब स्टूडेंट्स को एक्जाम के कुछ दिनों बाद ही रिजल्ट मिल जाएगा।
- डॉ. भागीरथ प्रसाद, कुलपति, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी

काफी आसानी रहेगी
यूनिवर्सिटी की यह महत्वपूर्ण कोशिश है। इस हाइटेक सिस्टम कार्यप्रणाली से सारे काम तेज होंगे और एक्यूरेसी भी बढ़ेगी। रोल नम्बर अभी से क्लियर होने से स्टूडेंट्स को कोई कन्फ्यूजन भी नहीं रहेगा। इसके तहत सभी कॉलेजों के कोड़ नम्बर भी बनाए जाएंगे जो उनकी पहचान होगे।
-आर.डी मुसलगांवकर, कुलसचिव, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: