जयपुर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय सैटेलाइट अस्पताल की विस्तार योजना के लिए करीब छह दशक पुराने रथखाना स्कूल को ब्रम्हापुरी में स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने बुधवार को गणगौरी बाजार स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय सैटेलाइट अस्पताल के समारोह में रथखाना स्कूल की भूमि देने की घोषणा की।
सराफ ने समारोह में मौजूद चिकित्सा मंत्री नरपत सिंह राजवी से कहा कि अगर अस्पताल के विस्तार के लिए रथखाना स्कूल की भूमि मांगने का प्रस्ताव भेजा जाएगा तो चिकित्सा विभाग को स्कूल की भूमि दे दी जाएगी। उन्होंने समारोह में यहां तक कह दिया कि प्रस्ताव जल्द भेजना वरना चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। इस मौके पर चिकित्सा मंत्री नरपत सिंह राजवी ने कहा कि प्रस्ताव एक दो दिन में भेज देंगे।
इससे पूर्व राजवी ने सैटेलाइट अस्पताल के प्रसूति सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.अशोक पानगड़िया ने बताया कि अस्पताल में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला व जनाना अस्पताल के फैकल्टी सदस्य सेवाएं देंगे। समारोह में महापौर अशोक परनामी, विधायक सुरेन्द्र पारीक, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ.नरपतसिंह शेखावत, जनाना अस्पताल अधीक्षक डॉ.आदर्श भार्गव, महिला चिकित्सालय अधीक्षक डॉ.वीणा आचार्य सहित कई लोग उपस्थित थे।
डॉ. उषा होंगी सैटेलाइट अस्पताल की प्रशासक : एसएमएस अस्पताल की अतिरिक्त अधीक्षक डॉ.उषा रानी माथुर को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल का प्रशासक नियुक्त किया गया है। अस्पताल में सुविधाओं के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसमें एसएमएस अस्पताल, महिला एवं जनाना अस्पताल के अधीक्षक शामिल होंगे।
दुबारा होगा स्थानांतरित : चौगान स्टेडियम के समीप रथखाना स्कूल को वर्ष 2006 में 3 हजार वर्गगज जमीन पर बने नगर निगम के एक कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था। स्कूल को अब निगम की जमीन से भी स्थानांतरित किया जा रहा है।
344 विद्यार्थियों को होगी परेशानी
रथखाना स्कूल को ब्रम्हापुरी में स्थानांतरित किया जाता है तो इस स्कूल में पढ़ने वाले 344 विद्यार्थियों को परेशानी होगी। ऐसी स्थिति में कई छात्रों को स्कूल छोड़ना पड़ सकता है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में 150 छात्र ओबीसी एवं एसटी-एससी के हैं। इन बच्चों के घर जाकर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया था। अब अगर स्कूल स्थानांतरित होता है तो कई विद्यार्थी पढ़ाई से नाता तोड़ सकते हैं। स्कूल में 27 शिक्षक हैं एवं 47 कर्मचारियों का स्टॉफ है। यह स्कूल दो पारियों में चलता है।