जयपुर. राजस्थान सहित पांच राज्यों में रिलायंस धमाका व नेटवर्क मार्केटिंग नाम के विज्ञापन छपवाकर चार माह में 90 हजार लोगों से साढ़े 31 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने वाली फर्जी कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
एसओजी डीआईजी ए.पौन्नूचामी के अनुसार 19 सितंबर 07 को समाचार पत्रों में रिलायंस धमाका व नेटवर्क मार्केटिंग के विज्ञापन छपवाए गए थे।
इस पर रिलायंस कंपनी की ओर से मामला दर्ज कराया गया कि यह विज्ञापन उसने नहीं, बल्कि किसी अन्य ने जनता व रिलायंस कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने के लिए प्रकाशित करवाया है।
रिपोर्ट में बताया गया था कि यूनाइटेड ग्रुप पर्सनल डवलपमेंट एंड इंश्योरेंस कंसल्टेंट ने वेबसाइट के माध्यम से प्रति व्यक्ति 3500 रुपए प्राप्त कर 90 हजार लोगों से साढ़े 31 करोड़ रुपए एकत्र कर लिए।
इस मामले की जांच एसओजी ने की और कंपनी के बैंक खातों का पता किया तो उनमें शून्य बैलेंस पाया गया। एसओजी को सूचना मिली थी कि कथित कंपनी का एमडी व ठग गिरोह का सरगना बीकानेर निवासी विमलेश कुमार रायस बुधवार को झुंझुनू आया हुआ है।
इस पर आरोपी को वहां गिरफ्तार कर लिया गया। उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस मामले में एसओजी पूर्व में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कथित यूनाइटेड ग्रुप ऑफ पीडीआईसी के एमडी विमलेश कुमार रायल ने बठिंडा (पंजाब) में मुख्यालय खोला था। उसने इंटरनेट पर आम जनता के लिए वेबसाइट पर लुभावना प्लान जून 2006 में जारी किया, जिसमें लोगों को रातोरात अमीर होने के सपने दिखाए गए थे।