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मानव रहित रेलवे क्रांसिंग होंगे गायब

शिवपुरी. पश्चिम-मध्य रेलवे में मानव रहित क्रासिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

इस फैसले के तहत बदरवास से ग्वालियर के बीच रेलवे लाइन के सभी लगभग छह दर्जन इस तरह के क्रासिंग को हटाया जाएगा। इतना ही नहीं रेलवे बोर्ड की इस योजना पर रेल प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि कुछ क्रांसिग हटाने के लिए कलेक्टर को भी प्रपोजल भी भेजा है ताकि इस काम को गति दी जा सके।

पश्चिम-मध्य रेलवे के ग्वालियर से गुना रेलवे ट्रेक पर मानव रहित क्रासिंग होने के कारण तमाम दुर्घटनाएं अभी तक हो चुकी है। इन बढ़ती हुई दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने इन क्रांसिग को हटाने का फैसला लिया है।

इस लाइन पर ग्वालियर से गुना के बीच छह दर्जन मानव रहित क्रासिंग बने हुए हैं। उक्त क्रासिंग पर मानव न होने और यह ट्रेक अधिकतर कृषि क्षेत्रों में होने के कारण यहां से किसानों की बैलगाड़ियां और अनाज, रेत, सीमेंट समेत अन्य माल से भरे हुए ट्रैक्टर-ट्राली को रेलवे वाइन पार करना पड़ती है। इसलिए पिछले एक साल में मानव रहित क्रासिंग के कारण तमाम दुर्घटनाएं हो चुकी है। आगे से ऐसी दुर्घटनाएं न हों इसलिए बोर्ड ने यह फैसला लिया है। रेलवे के एईएन केपी रसानियां ने बताया कि इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत सारे मानव रहित क्रासिंग को खत्म कर या तो रेलवे ट्रेक के नीचे से रास्ता दिया जाएगा या फिर ओव्हर ब्रिज बनाया जाएगा।

गंभीर हादसे होते-होते टले
ग्वालियर से गुना के बीच कुल 120 मानव रहित क्रासिंग है। इन पर आए दिन दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। इतना ही नहीं पिछले छह महीने में इस रेलवे ट्रेक पर कई गंभीर हादसे होते होते बचे टले हैं ।

इसी साल मई के महीने में शिवपुरी और पाड़रखेड़ा रेलवे स्टेशन के बीच गेट नंबर 74 सीके पर सीमेंट से भरी एक किसान की ट्रैक्टर-ट्राली रेल की पटरी पर आ गई थी। लेकिन ग्वालियर -गुना जा रही इस पैसेंटर ट्रेन के ड्राइवर ने गाड़ी के ब्रेक लगा दिये और गाड़ी खड़ी हो गई वरना गंभीर हादसा हो सकता था।

इतना ही नहीं इसी साल के जून के महीने में शिवपुरी की बदरवास तहसील के पास गेट नंबर 20 पर मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली, जो सिग्नल न मिल पाने के कारण रेल की पटरी पर आ गई थी लेकिन करीब 50 मीटर की दूरी पर बीना से ग्वालियर जा रही गाड़ी को तेज गति के बावजूद रोकना पड़ा था। इसी तरह सितंबर के महीने में शिवपुरी के पास चंदनपुरा के पास एक किसान विनोद की बाइक भी रेलवे क्रासिंग के पास तेज गति से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गई थी और उसेक परखच्चे उड़ गए थे।

क्यों होती हैं दुर्घटनाएं
ग्वालियर से गुना के बीच करीब 120 मानव रहित रेलवे क्रासिंग हैं जिन पर से किसान ट्रैक्टर-ट्राली लेकर गुजरते हैं। चूंकि क्रासिंग से गुजरने वालों को यह पता नहीं चल पाता कि गाड़ी कितनी देर में आ रही है, लिहाजा वाहन का, ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है।





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