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किताबों में न रह जाए जंगल का इतिहास

बिलासपुर. ‘जंगल को बचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। ऐसा न हो कि बच्चे किताबों में जंगल का इतिहास पढ़ें।’

ये बातें बुधवार को राघवेंद्र हाल में बिलासपुर रेंज के आईजी रमेश शर्मा ने कही। दो अक्टूबर से आयोजित वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को आज पुरस्कार वितरित किया गया।

समारोह के मुख्यअतिथि श्री शर्मा व अध्यक्ष वन संरक्षक आईएन सिंह थे। श्री सिंह ने कहा कि वन व वन्यप्राणियों से प्रेरित होकर ही वेद व उपनिषदों की रचना हुई है। वन व वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए सप्ताहभर तक चलाए गए अभियान के पहले चरण में पंद्रह हजार स्कूली बच्चों ने भाग लिया, जो कि एक रिकार्ड है। दूसरे चरण में 300 व अंतिम चरण में पांच प्रतिभागियों का चयन विजेताओं के रूप में किया गया। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह आयोजित करने के लिए 1997 से नेचर क्लब द्वारा वन विभाग का सहयोग किया जा रहा है।

इस दौरान नेचर क्लब के डा. चंद्रशेखर राहलकर ने बताया कि इस वर्ष के अभियान में 70 स्कूलों के बच्चों की भागीदारी ने वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह को सफल बना दिया है। नेचर क्लब के संयोजक मंसूर खान ने कहा कि पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर वन्यप्राणियों के संरक्षण की बात कही। कार्यक्रम को धरमजयगढ़ के डीएफओ सीएस तिवारी व बिलासपुर डीएफओ एसडी बड़गैया ने भी संबोधित किया। श्री बड़गैया ने अतिथियों को स्मृति चिह्न् प्रदान किया।





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