नई दिल्ली.
महान बल्लेबाज सुनील गावसकर ने गुरुवार को कहा कि चयनकर्ताओं के खिलाफसौरव गांगुली के गुस्से को समझा जा सकता है, लेकिन उन्हें इसे जाहिर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ मौजूदा सीरीज के खत्म होने तक इंतजार करना था।
इससे ड्रेसिंग रूम में खुशगवार माहौल बनाए रखने में मदद मिलती। गावसकर ने गुरुवार को एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘ये सब बातें कहकर सौरव ने न तो अपनी मदद की है और न ही ड्रेसिंग रूम के माहौल के लिए यह अच्छा साबित होगा।’
गावसकर ने कहा कि सौरव ने जो भी कहा, वह वे सीरीज के बाद भी कह सकते थे। गावसकर ने कहा कि जिस दिन से सौरव ने भारतीय टीम में पदार्पण किया था, उसी दिन से वे बंदूक की नोक पर थे। सभी ने उन पर यही आरोप लगाए कि टीम में उन्हें क्रिकेट से इतर कारणों से जगह मिली है।
हालांकि सौरव ने इसे गलत साबित किया। गावसकर ने ईरानी ट्रॉफी की टीम से सौरव को बाहर किए जाने पर भी सहानुभूति जताई, जिसके चलते सौरव ने संन्यास का फ ैसला लिया।गौरतलब है कि गांगुली ने एक बांग्ला अखबार को दिए साक्षात्कार में चयनकर्ताओं पर उन्हें बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाया है। इसमें साथी खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन का जिक्र भी है।