मुंबई. देश के विभिन्न शहरों में धमाके कर दहशत फैलाने वाले इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों की आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी गई है। आईएम के 20 आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब मुंबई पुलिस ने उनके आठ बैंक खाते सील कर दिए हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने बताया कि इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को देश में तबाही के लिए अरब देशों से आर्थिक मदद मिलती है। इसके अलावा इन्हें हवाला के माध्यम से भी रुपए पहुंचाए जाते थे।
उन्होंने बताया गिरफ्तार आतंकी जिन ८ बैंक खातों से रुपए निकालते थे, उन्हें ट्रेस कर सील कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार आईएम के आतंकियों को वर्ष २क्क्६ से अब तक २६ लाख रुपए अरब देशों से बैंक के जरिए मिले हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि हवाला के माध्यम से उन्हें इससे अधिक रकम मुहैया कराई गई है।
सफेदपोशों पर शिकंजा
मुंबई पुलिस ने अब अपना ध्यान उन सफेदपोश लोगों पर शिकंजा कसने पर केंद्रित किया है, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल आईएम के आतंकी करते थे। इन सफेदपोश लोगों के बैंक खातों की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का दावा है कि पांच राष्ट्रीय बैंकों और कुछ बहुराष्ट्रीय बैंकों के आठ खातों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया है।
सिर्फ ड्रायवर नहीं है चौधरी
आईएम के मीडिया विंग के आतंकियों के साथ गिरफ्तार मोहम्मद अकबर इस्माइल चौधरी उर्फ सैयद उर्फ याकूब (28) सिर्फ ड्रायवर नहीं बल्कि कंप्यूटर टेक्नीशियन भी है। मास्टरमाइंड मोहम्मद सादिक इसरार अहमद शेख और रियाज भटकल ड्रायवर के रूप में चौधरी की इस्तेमाल करते थे।पुणे का पार्षद हिरासत में : सूत्रों के अनुसार इन संदिग्ध आतंकियों को पुणो में मकान किराए से दिलाने में मदद करने वाले एक पार्षद जावेद शेख को हिरासत में लिया गया है। हालांकि मुंबई पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।