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रुपया छू सकता है 50 का स्तर

नई दिल्ली. rupeey वित्तीय संकट के चलते रुपये के मूल्य में और गिरावट की आशंका पैदा हो गई है। जानकारों के मुताबिक अगले दो महीने में वह डॉलर की तुलना में 50 का भाव छू सकता है। ऐसी स्थिति में देश द्वारा किए जा रहे आयात की लागत बढ़ जाएगी और उसके कारोबारी घाटे में और इजाफा हो जाएगा।

बिकवाली से धारणा कमजोर : विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से पैसा खींचने के कारण बुधवार को रुपया, डॉलर के मुकाबले 48.47 अंक के छह साल के सबसे कम स्तर पर पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के विशेषज्ञ राष्ट्रीय परिषद के निदेशक राजीव कुमार का मानना है कि एफआईआई इसी तरह बाजार से पैसा खींचते रहे और रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप नहीं किया तो 2-3 महीने में रुपया गिरकर डालर के मुकाबले 50 का भाव छू सकता है।

वित्तीय संकट से बिगड़ी स्थितियां : अमेरिका और यूरोप की वित्तीय संस्थाओं की हालत खस्ता होने के साथ दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट का दौर जारी है। इसके चलते एफआईआई ने पिछले तीन माह में भारत में 12 करोड़ डालर की बिकवाली की है।

निर्यातकों की चांदी : इस साल अप्रैल से रुपए में 20 फीसदी गिरावट के कारण निर्यातक चांदी काट रहे हैं। उनको निर्यात का बढ़ा हुआ मूल्य मिल रहा है। हालांकि कुछ निर्यातक पिछले साल के विदेशी डेरिवेटिव अनुबंधों में उलझ भी गए हैं। करंसी बाजार में स्थिरता के साथ ही निर्यातक चाह रहे हैं कि डॉलर का मूल्य 50 रुपए तक पहुंचे। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशंस के महानिदेशक अजय सहाय भी मानते हैं कि रुपए में और गिरावट से इंकार नहीं किया जा सकता।

निर्यात की तुलना में बढ़ा आयात : रुपए में गिरावट के कारण भारतीय निर्यात में इस वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में 35.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, आयात में 37.7 फीसदी की वृद्धि से जारी वित्त वर्ष की इस अवधि में व्यापार घाटा 49 अरब डॉलर हो गया है। क्रूड में तेज गिरावट के बावजूद तेल उद्योग में डॉलर की जोरदार मांग बनी हुई है। क्रिसिल के प्रमुख अर्थशास्त्री डी के जोशी का मानना है कि उतार चढ़ाव के दौर में रुपये पर दबाव रहेगा लेकिन यह 50 के स्तर के भीतर ही रहेगा।

जानकारों का कहना है कि 292 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ भारत की स्थिति मजबूत है लेकिन एफआईआई के शेयर बाजार से पैसा निकालते जाने से बाजारों पर बुरा असर पड़ रहा है।

‘कोई आंकड़ा तय करना तो मुश्किल है लेकिन गिरावट जारी रहने पर रुपया डालर की तुलना में 50 के स्तर पर पहुंच सकता है।’
-अरुण कौल, महाप्रबंधक ट्रेजरी, पंजाब नेशनल बैंक





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