भोपाल. सीधी के सांसद माणिक सिंह के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के सदमे से उबर रही कांग्रेस अब इसका बदला लेने के मूड में है। वह भारतीय जनता पार्टी के निष्कासित सांसद चंद्रभान सिंह पर डोरे डाल रही है।
श्री सिंह को दमोह संसदीय क्षेत्र से ही कांग्रेस टिकट देने का भरोसा दिलाया गया है, लेकिन श्री सिंह ‘रुको और देखो’ की रणनीति पर चल रहे हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले दो दिग्गजों ने श्री सिंह से संपर्क किया है। चंद्रभान सिंह का नाम उस वक्त राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आया, जब लोकसभा में कांग्रेस के विश्वास मत के दौरान वे अनुपस्थित रहे।
इस घटना को भाजपा आलाकमान ने गंभीरता से लेते हुए श्री सिंह को पार्टी से ही बर्खास्त कर दिया। जबकि श्री सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताया कि संसद भवन में विश्वास मत के दौरान अचानक उन्हें खून की उल्टी हुई, जिसकी वजह से उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। इस वजह से वे मतदान में भाग नहीं ले पाए तो पार्टी से उन्हें बर्खास्त कर दिया। इसके बाद आरएसएस के एक पदाधिकारी ने श्री सिंह से मुलाकात कर उन्हें श्री आडवाणी से बात करने का कहा, लेकिन आलाकमान की एकतरफा कार्रवाई से व्यथित श्री सिंह ने उस वक्त किसी से भी बात करने से इनकार कर दिया था। वे किसी भी कीमत पर भाजपा में जाने को तैयार नहीं हैं।
कांग्रेस और भाजश उन पर डोरे डाल रही है। कांग्रेस ने उन्हें दमोह से लोकसभा टिकट देने का विश्वास दिलाया है, श्री सिंह की इच्छा जबेरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की है, लेकिन वहां से पूर्व मंत्री रत्नेश सालोमन कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार हैं, इसलिए श्री सिंह का मामला खटाई में पड़ सकता है। ऐसे में श्री सिंह भाजश के टिकट पर भी लड़ सकते हैं, भाजश में जाने की संभावना से उन्होंने इनकार किया है।
रुको और देखो की रणनीति अपनाई
श्री सिंह ने दैनिक भास्कर से चर्चा में स्वीकार किया कि कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से उनकी टेलीफोन पर बात हुई है, लेकिन अभी उन्होंने कुछ तय नहीं किया है। भाजश की अध्यक्ष उमा भारती ने ही उन्हें वर्ष 2003 में पहले नोहटा से विधानसभा और बाद में दमोह से लोकसभा टिकट दिया था। श्री सिंह ने दावा किया है कि वे अगला चुनाव भी जीतकर बताएंगे।
इसलिए हुआ था उपचुनाव
आपरेशन दुर्योधन के कारण भाजपा के चंद्रप्रताप सिंह को सांसद पद गंवाना पड़ा था। इस वजह से हुए उपचुनाव में कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीते माणिक सिंह पिछले महीने भाजपा की रैली में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। इस झटके का कांग्रेस बदला लेने की तैयारी कर रही है।
चंद्रभान सिंह की भाजपा में वापसी का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर विचार नहीं किया जाएगा।’
- नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा