भोपाल. राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश जारी नहीं होने से मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में असंतोष है।
सूत्रों के अनुसार राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने को लेकर अब भी असमंजस है। यह स्थिति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुशंसाएं पुन: कैबिनेट में विचार के लिए भेजने से निर्मित हुई है।
मंत्रालय के कर्मचारियों में चर्चा है कि यदि चुनाव आचार संहिता लगने के पहले समयमान वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश जारी नहीं किए गए तो कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासनिक मुख्यालय के कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुमोदित किए गए द्वितीय उच्चतर वेतनमान 5500-9000 रुपए देने की मांग कर रहे हैं। राज्य मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 की भर्ती 3050-4590 के वेतनमान में होती है, जबकि वहां इस पद के पदोन्नति पद सहायक ग्रेड-2 का वेतनमान 4000-6000 रुपए है और इस पद की पदोन्नति सहायक ग्रेड-1 पद पर 5500-9000 रुपए के वेतनमान में होती है। इसी संबंध में वे दोनों उच्चतर वेतनमान का लाभ देने की बात पर अड़े हैं।
कर्मचारी लाभ से वंचित
मंत्रालय के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान देने के मामले में वहां के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसके लाभ से वंचित कर दिया गया है। इसका विरोध मंत्रालय के सभी संवर्ग के कर्मचारी कर रहे हैं।
मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा का कहना है कि सरकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी समयमान वेतनमान का लाभ दे। मप्र सचिवालयीन (मंत्रालयीन) कर्मचारी संघ के प्रवक्ता आंनद भट्ट का कहना है कि राज्य सरकार सहायक ग्रेड-3 संवर्ग तीन को द्वितीय उच्चतर वेतनमान जीएडी की अनुशंसा के अनुसार मान्य करे। राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।