वाशिंगटन/हरारे. दुनियाभर में छाई आर्थिक मंदी से निपटने के लिए दुनिया के धनी देशों के वित्तमंत्री शुक्रवार को अमेरिका में बैठक कर रहे हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि आर्थिक सुनामी से मुक्ति के लिए ब्रम्हास्त्र रूपी कोई उपाय निकल सकता है। बैठक में ब्राजील, रूस, भारत व चीन के प्रतिनिधि भी मौजूद रह सकते हैं। इनकी उपस्थिति से यह समूह बढ़कर जी 20 का रूप ले लेगा।
दुनिया के सबसे धनी देशों के वित्त मंत्री शुक्रवार को अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन में मौजूदा वैश्विक वित्तीय संकट पर चर्चा कर सकते हैं। जानकारों के मुताबिक विश्व के वर्तमान हालात के मद्देनजर यह बैठक जरूरी है। उधर, बैंक आफ जापान ने टोक्यो बाजार में अभूतपूर्व चार लाख करोड़ येन (करीब 1.92 लाख करोड़ रुपए) लगाकर गिरते बाजार को तरलता प्रदान की है। जापानी शेयर बाजार बुधवार को 20 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था।
जी-सात देशों की बैठक : अमेरिकी राजधानी में जी-सात के सदस्य अमेरिका, जर्मनी, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली व कनाडा के वित्त मंत्री मौजूदा हालात की समीक्षा करने जा रहे हैं। इस बातचीत में मुख्य रूप से कर्ज संकट व ढहते स्टाक मार्केट पर चर्चा की जाएगी।
भारत भी होगा मौजूद : जी-सात की बैठक में ब्राजील, रूस, भारत व चीन (बीआरआईसी) के प्रतिनिधि भी मौजूद रह सकते हैं। इनकी उपस्थिति से यह समूह बढ़कर जी २क् का रूप ले लेगा।
जिम्बाब्वे की मुद्रास्फीति 23.10 करोड़ फीसदी: जिंबाब्वे में सालाना मुद्रास्फीति की दर 23 करोड़ 10 लाख फीसदी की ऊंचाई पर पहुंच गई है। इस देश के सरकारी समाचारपत्र हेराल्ड ने गुरुवार को जुलाई के सरकारी आंकड़ों को जारी करते हुए यह जानकारी दी है, जबकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मुद्रास्फीति की दर अरबों में पहुंच गई है।