इंदौर. एमवाय अस्पताल में आमतौर पर आपसी लड़ाई और खींचतान का खामियाजा मरीजों को भुगतान पड़ता है किंतु हाल ही में मेडिकल कॉलेज के डीन और एंडोस्कोपी विभाग प्रभारी की लड़ाई में सभी मरीजों के लिए महंगी एंडोस्कोपी जांच नि:शुल्क कर दी गई।
पेट रोग से संबद्ध एंडोस्कोपी जांच बाहर 15 सौ रुपए में होती है जबकि एमवाय में इसका शुल्क 350 रु. है। एंडोस्कोपी विभाग में 22 सितंबर से लगा नोटिस मरीजों को सुकून दे रहा है जिसमें लिखा है- ‘एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी जांच डीन के अगले आदेश तक नि:शुल्क। इसकी सूचना एमजीएम मेडिकल कॉलेज को दी जा चुकी है।’ इस पर डॉ. विश्नार के साथ ही अन्य दोनों सहायक प्राध्यापक डॉ. अतुल शिंदे व डॉ. राजेश वर्मा के भी हस्ताक्षर हैं।
ऐसे हुई शुरुआत- मरीजों के लिए इस नि:शुल्क तोहफे की शुरुआत दिलचस्प है। अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के डॉ. एम. हुण्डा अपने पुत्र की नि:शुल्क एंडोस्कोपी के लिए डॉ. शिंदे से मिले थे। डॉ. शिंदे ने प्रभारी डॉ. विश्नार से पूछा कि क्या करें। प्रभारी ने कहा गरीब से पैसे लेते हैं, आप तो सक्षम हैं।
डीन ने दिए निर्देश- डॉ. हुंडा ने यह बात मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अशोक वाजपेयी को बताई तो उन्होंने नि:शुल्क जांच करने का आदेश दे दिया। डीन के आदेश पर डॉ. हुंडा के पुत्र की एंडोस्कोपी तो नि:शुल्क कर दी पर इसके बाद सभी के लिए नि:शुल्क एंडोस्कोपी का नोटिस लगा दिया गया।
देखते हैं क्लिनिक में, नि:शुल्क जांच एमवायएच में
बाद में डॉ. विश्नार ने डीन को पत्र लिखकर पूछा कि बताएं किनकी जांच नि:शुल्क करें।
>> उन मरीजों की जिन्हें डॉक्टर अपने क्लिनिक में फीस लेकर देखते हैं और जांच के लिए लिखते हैं।
>> मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट व उनके परिजन की।
>> अस्पताल के डॉक्टरों, परिजन व रिश्तेदारों की।
>> अस्पताल के कर्मचारियों व उनके रिश्तेदारों की।
>> उन मरीजों की जो महंगे निजी अस्पतालों में इलाज के बाद एमवाय में नि:शुल्क जांच के लिए आते हैं।
>> उन मरीजों की जिनके पास बीपीएल कार्ड नहीं है किंतु बहुत गरीब हैं।
इसके साथ ही पत्र में प्रभारी ने यह भी लिखा कि 10-12 साल में इस जांच से 15-16 लाख रुपए की आय हुई है। उसी से नया वीडियो एंडोस्कोप आया है। इसी कारण शासन ने आंत की महंगी जांच की कोलोनोस्कोपी मशीन भी दी है।