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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल दवे के ट्रस्ट को जमीन देने के मामले में पुनर्विचार नहीं किया तो वे इसको लेकर भोपाल, दिल्ली में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा नागपुर के संघ कार्यालय का दरवाजा खटखटाएंगे। यह बात प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने कही।
जब दैनिक भास्कर ने चर्चा के दौरान कैबिनेट की बैठक छोड़ने का कारण अखंड प्रताप सिंह से पूछा तो उनका कहना था कि प्रदेश की भाजपा सरकार जिसमें हम भी मंत्री हैं, किसी गरीब को एक डिस्मिल जमीन नहीं दे पाई, और भाजपा नेता अनिल दवे को मां नर्मदा के नाम पर ट्रस्ट के जरिए 35 एकड़ जमीन दे, यह कहां तक उचित है। उनका कहना था कि जमीन देने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत से प्रस्ताव तक नहीं लिया।
गरीब की जमीन छीनकर भाजपा के किसी बड़े नेता को दी जाए, इसे मैं क्या कोई भी निष्ठावान नेता बर्दाश्त नहीं करेगा। श्री सिंह ने कहा कि सरकार उस गांव के लोगों को पहले निस्तार हेतु जमीन उपलब्ध करा दे और श्री दवे की जगह उस गांव के किसी भी व्यक्ति को उनके ट्रस्ट का सचिव बनाकर जमीन आवंटित करे इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी।
श्री सिंह से पूछा गया कि यदि इस मामले पर पुनर्विचार नहीं किया तो उनकी अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर उनका कहना था कि भाजपा और संघ के बड़े नेताओं से मिलने दिल्ली व नागपुर जाएंगे।
भाजपा मेरी है कोई नहीं छुड़ा सकता
अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा मेरी है, इसे कोई नहीं छुड़ा सकता। उनसे जब पूछा गया कि भाजपा में यह चर्चा है कि आपका टिकट कट रहा है, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं जीतने वाला प्रत्याशी हूं टिकट जरूर मिलेगा और चुनाव जीतूंगा। श्री सिंह कुछ देर के लिए ग्वालियर रुके। इसके बाद वे टीकमगढ़ के लिए रवाना हो गए।