कुरूक्षेत्र. अपराधियों को राजनीति से दूर रखने के लिए भारतीय हॉकी संघ के पूर्व अध्यक्ष केपीएस गिल ने गुरुवार को तहरीक-ए-वतन, परस्तान-ए-हिंद नामक संस्था का गठन किया। इसका उद्देश्य राजनीति को स्वच्छ बनाना तथा अराजक व आपराधिक छवि वाले नेताओं को इससे दूर रखना है। गिल ने कहा कि भारतीय राजनीति में ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जिनकी पृष्ठभूमि आपराधिक है या जो अपराध को सह देते हैं। देश में बढ़ते भ्रष्टाचार व आपराधिक गतिविधियों के पीछे गंदी राजनीति का बहुत बड़ा रोल है।
देश में अच्छे एथलीटों की कमी
गिल ने कहा कि इस बार ओलंपिक क्वालीफाइंग के लिए नियम यूरोपीय देशों के अनुरूप थे। उन देशों को लाभ पहुंचाने के लिए ही नियमों में भारी बदलाव किया गया था। इसी चलते पुरुष व महिला हॉकी टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। देश में अच्छे खिलाड़ियों की कमी है। एक भी एथलीट ऐसा नहीं है जो दस सेकेंड में सौ मीटर की दौड़ पूरी कर सके। अच्छे खिलाड़ी नहीं मिलेंगे तो अच्छी टीम कैसे बनेगी?
खिलाड़ियों के चयन में पैसे चलने और हॉकी संघ पर लगे रिश्वत के आरोपों पर गिल ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। राजनीतिक हस्ताक्षेप किसी भी जगह गलत है, खेलों में तो यह सीधे तौर नाजायज है।
गिल ने कहा कि देश में खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। खेल स्कूलों के पास एस्ट्रोटर्फ नहीं हैं, देश में केवल गिने-चुने स्थानों पर ही यह सुविधा उपलब्ध है, ऐसे में हॉकी खिलाड़ी कहां से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि खेलों में सुधार के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है।