जयपुर. निजी बीएड कॉलेजों को मान्यता देने में घपला उजागर होने के बाद बुधवार देर रात गिरफ्तार किए एनसीटीई के दो सदस्यों और तीन कॉलेज प्रबंधकों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया।
इनमें से कोर्ट ने तीन को जेल भेज दिया, जबकि दो महिलाओं को जमानत पर छोड़ दिया। सीबीआई की जयपुर विंग ने बुधवार को गणगौर होटल में एनसीटीई दल पर छापा मार कर घपला उजागर किया था।
उल्लेखनीय है कि एनसीटीई ने दो सदस्यों का पैनल बीएड कॉलेज का निरीक्षण करने के लिए भेजा था, जिसमें शिकोहाबाद के बीएड कॉलेज में रीडर कौशलेंद्र यादव और मोदीनगर के कॉलेज में लेक्चरर अमृता माहेश्वरी शामिल हैं।
सीबीआई के अधिकारियों ने दिनभर होटल में हालात का जायजा लिया और फिर छापे की कार्रवाई की। दोनों के कमरों से करीब दो लाख रुपए नकद और हजारों रुपए के उपहार बरामद हुए थे। यह राशि कॉलेजों को मान्यता देने के लिए कॉलेज प्रबंधकों की ओर से बतौर रिश्वत पर देनी बताई जाती है। इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने पद का दुरुपयोग कर रिश्वतखोरी करने का मामला दर्ज किया है।
एनसीटीई पैनल के सदस्यों पर रिश्वत लेने का आरोप है, वहीं स्वामी गंगादास बीएड कॉलेज के प्रबंधक नरेश कुमार शर्मा, विराटनगर नवरंगपुरा के समीप किशनपुरा कॉलेज के एस.के.जोशी बीएड कॉलेज के प्रबंधक मधुसूदन शर्मा व बीडी स्मृति कॉलेज निवारू रोड जयपुर की प्रबंधक मंजुला शर्मा पर रिश्वत देने का आरोप है। न्यायालय ने कौशलेंद्र, मधुसूदन व नरेश को जेल भेज दिया। मंजुला शर्मा व अमृता को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
किसने कितने रुपए दिए
नरेश कुमार ने दोनों सदस्यों को 21-21 हजार, मधुसूदन शर्मा ने 30-30, मंजुला शर्मा ने 15-15 हजार रुपए दिए थे। साथ ही यादव को 6 हजार व अमृता को 3 हजार रुपए की खरीदारी कराई थी। इसके अलावा उपहार स्वरूप कपड़े, चूड़ियां व प्रतिमा आदि दिए थे।