जयपुर. सुखम गार्डन स्थित कोठी नं. 7 से बेघर किए गए परिवारों के लोग 17 दिन में भी राज्य सरकार व रिसीवर से कोई राहत नहीं मिलने के बाद निराश होकर शुक्रवार को दिल्ली जा रहे हैं।
वहां वे जस्टिस यू.एन.बछावत के अलावा राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से भी मिलेंगे और जानकारी देंगे कि जयपुर में प्रशासन किस प्रकार रसूखदार के दबाव में अवैध कार्य कर रहा है।
पीड़ित राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री सहित अनेक लोगों को ज्ञापन दे चुके हैं, जिनका अब तक कोई परिणाम नहीं निकला। उन्होंने कहा कि शहर से 25 किलोमीटर दूर बक्सावाला में उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई है। उन्होंने जयपुर के ऑफिसर इंचार्ज रिसीवर प्रोपर्टी राजेश कर्नल पर भी रसूखदार से मिलीभगत का आरोप लगाया। सुंदरसिंह ने सुखम गार्डन के बाहर लगे बोर्ड गायब होने के पीछे उन्होंने अधिकारियों व पुलिस की मिलीभगत बताई। उन्होंने कहा कि कोठी न. 7 रिसीवर संपत्ति होने के बावजूद प्रशासन व रसूखदार वहां गतिविधियां चला रहे हैं और ऑफिसर इंजार्च उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
इस्तगासे पर सुनवाई आज
सुखम गार्डन से बेघर हुई 85 वर्षीय वृद्धा गुलाबदेवी व उसके परिजनों की ओर से दायर इस्तगासे पर शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-16 कोर्ट में सुनवाई होगी। अधिवक्ता देवेन्द्र सिंह शेखावत के जरिए 26 अगस्त को दायर इस्तगासे में जेडीए आयुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (दक्षिण), सीओ सोढ़ाला, एसएचओ, नगर निगम आयुक्त, सतर्कता आयुक्त पर गैरकानूनी तरीके से परिवारों को बेघर करने के आरोप लगाए गए हैं।