कोटा.
गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी के सानिध्य में गुरुवार को यहां आठ बाल ब्रम्हचारिणी दीदियों ने ‘आर्यिका’ की दीक्षा ग्रहण की। इसके अलावा एक ब्रम्हचारणी दीदी आभा की मां रेशमदेवी ने ‘क्षुल्लिका’ दीक्षा ली।
आयोजकों का दावा है कि देशभर में यह पहला अवसर है, जब एक साथ 8 ब्रम्हचारिणी दीदियों ने दीक्षा ग्रहण की। इस अविस्मरणीय पल के गवाह देशभर से आए हजारों जैनधर्मावालंबी बने। दीक्षा समारोह में गुरुवार सुबह श्रीजी का कलशाभिषेक हुआ। उसके बाद स्वस्ति आराधना तथा प्रवचन हुए।
विशुद्धमती माताजी ने दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। दीक्षा मंडप का उद्घाटन, दीप ज्योत्सना, जिन ध्वज वंदन के आयोजन के बाद दीक्षा विधि आरंभ हुई। सभी दीक्षार्थी बहनों के धर्म के माता-पिताओं ने चोक भराई की रस्म अदा की। जनसमूह से दीक्षा की अनुमति के बाद मंत्रोच्चार के साथ दीक्षा प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले विशुद्धमती माताजी ने आभा दीदी के केश लोच किए। उसके बाद बारी-बारी से सभी दीदियों के केश लोच किए गए। इस अवसर पर आभा दीदी की मां रेशमदेवी, आभा दीदी, पूनम दीदी, प्रतिभा दीदी, अनिता दीदी, वनमाला दीदी, सीमा दीदी, सविता दीदी, अंजू दीदी आदि ने दीक्षा ली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जैन थे। अध्यक्षता शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांति धारीवाल ने की। विशिष्ट अतिथि नि:शक्त आयुक्त खिल्लीमल जैन, संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत तथा ओम बिरला थे।