हमीरपुर
चार बेटों का बाप दो वक्त की रोटी और अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए दिहाड़ी लगाकर आजीविका कमाए तो हैरत होती है। उम्र से उस पड़ाव में जहां कई लोग तो चलना फिरना तक छोड़ देते हैं, हमीरपुर के गांव घनाल खुर्द के 90 वर्षीय बुजुर्ग सुरेंद्र सिंह मजदूरी कर रहे हैं।
नगर परिषद एरिया के साथ सटी अणु पंचायत के अणु खर्द में नरेगा के तहत सड़क निर्माण में जुटे इस बुजुर्ग को आसानी से देखा जा सकता है। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक मजदूरी करके सुरेंद्र सिंह अपनी पत्नी कलां देवी के लिए दवाओं का इंतजाम कर रहे हैं।
पत्नी पांच साल से बीमार
सुरेंद्र सिंह की पत्नी का पांच साल से इलाज चल रहा है। सुरेंद्र ने बताया कि हर महीने करीब 1000 रुपए दवाओं पर खर्च होते हैं। सुरेंद्र सिंह के हालांकि चार बेटे हैं परंतु उनका जिक्र आने पर वे चुप हो गए। उन्होंने इतना ही बताया कि हम दोनों बुजुर्ग अलग से गुजर-बसर कर रहे हैं। कुछ देर रुककर सुरेंद्र सिंह बोले, ‘पापी पेट का सवाल है, दिहाड़ी तो लगानी ही पड़ेगी’।
पंचायत प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि नरेगा के तहत जारी ज्यादातर कार्यो में युवा वर्ग की बजाय बुजुर्ग और महिलाएं ही शामिल हो रहे हैं। सुरेंद्र सिंह बुजुर्ग होने के बावजूद अपना काम करने में भारी उत्साह रखता है।