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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. राज्य में अगले सत्र से 9 वीं और 10 वीं का कोर्स नया होगा जो विद्यार्थी को रटने की बजाए विश्लेषण करना सिखाएगा।
क्लास में विद्यार्थी और शिक्षक पाठ पर विचार-विमर्श करेंगे। फिर वे एक-दूसरे के सवालों के जवाब भी देंगे। इससे विषय की उनकी समझ बढ़ेगी। सीबीएसई और महाराष्ट्र शिक्षा मंडल ने भी अपने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में बदलाव कर 20 प्रतिशत विश्लेषणात्मक प्रश्न शामिल किए हैं।
नए कोर्स के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद ने कापरेरेट सेक्टर के लोगों से चर्चा की थी। उनके सुझावों की मदद से कोर्स अपडेट किया गया है। इसके अलावा एनसीईआरटी और माध्यमिक शिक्षा मंडल के विशेषज्ञ ढेर सारी किताबों का अध्ययन कर रहे हैं। दो कार्यशालाएं भी नए कोर्स की तैयारी के लिए आयोजित की जा चुकी हैं।
शिक्षा सचिव नंदकुमार के मुताबिक बच्चों को सोचने वाला बनाया जाएगा। वे समानता, भाईचारा, धर्मनिरपेक्षता, स्वतंत्रता के साथ नैतिकता की शिक्षा भी लेंगे। शुरुआती तौर पर 50-60 स्कूलों में नई किताबों का ट्रायल होगा। फिर इनमें सुधार होगा। फिर नया कोर्स नए सत्र से लागू कर दिया जाएगा।
प्रायमरी में प्रदेश आगे
देश के 10 राज्यों में प्राइमरी स्कूलों के कोर्स में बदलाव की कवायद चल रही है। छत्तीसगढ़ तीन साल पहले ही अपना पाठ्यक्रम बदल चुका है। दिल्ली में 2003 में नई पाठ्यचर्या पर विचार किया गया था। तब प्रदेश ने एनसीईआरटी से जरूरी सामग्री हासिल कर ली थी। 2005 में नई पाठ्यचर्या बना ली गई। शिक्षा विभाग ने प्रायोगिक सफलता के बाद 2006 में इसे पहली, दूसरी और छठवीं, 2007 में चौथी और सातवीं और 2008 में पांचवीं और आठवीं में लागू कर दिया था।